वेब स्टोरी

ई-पेपर

लॉग इन करें

बिजली गुल, इन्वर्टर ठप: उमस भरी रात में सड़कों पर बीती लोगों की जिंदगी

पठानकोट में भीषण गर्मी के बीच हाहाकार: 13 घंटे के अघोषित बिजली कट से ब्लैकआउट जैसे हालात

  • वार्ड 5, 6, 7 और 8 सबसे ज्यादा प्रभावित; दोपहर 1 बजे गुल हुई बत्ती देर रात 2:30 बजे आई।
  • इन्वर्टर थमे, ट्यूबवेल ठप होने से बूंद-बूंद पानी को तरसे लोग।
  • अधिकारियों ने साधी चुप्पी, 1912 हेल्पलाइन भी बनी महज दिखावा; जनता में भारी रोष।

पठानकोट। शहर और इसके आसपास के कई इलाकों में भीषण गर्मी और उमस के बीच बिजली विभाग द्वारा लगाए जा रहे अघोषित कटों ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। रविवार को दोपहर करीब 1 बजे गुल हुई बिजली लगातार 13 घंटे तक बहाल नहीं हो सकी, जिससे लोगों को दिन और रात भर भीषण गर्मी का सामना करना पड़ा। आखिरकार देर रात करीब 2:30 बजे बिजली आपूर्ति बहाल होने के बाद ही लोगों ने राहत की सांस ली।

इन इलाकों में बिजली कटौती बनी बड़ी मुसीबत

​शहर के कई इलाकों में बिजली कटौती से लोग परेशान दिखे, लेकिन सबसे खराब स्थिति वार्ड नंबर 5, 6, 7 और 8 में रही, जहाँ पूरी तरह से ब्लैकआउट के हालात बन गए। वार्ड 7 और 8 में दोपहर 1 बजे गई बिजली देर रात ढाई बजे के करीब बहाल हुई। वहीं, वार्ड 5 और 6 के लमीनी और विश्वकर्मा नगर में समाचार लिखे जाने तक बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप थी।

इन्वर्टर थमे, पानी को तरसे लोग

​बिजली कट इतना लंबा था कि घरों में लगे बैकअप सिस्टम (इन्वर्टर) भी शाम होते-होते पूरी तरह डिस्चार्ज हो गए। इसके बाद घरों में अंधेरा छा गया और पंखे-कूलर सब बंद हो गए। बिजली न होने का सीधा असर शहर की वॉटर सप्लाई पर पड़ा। ट्यूबवेल और मोटर न चलने के कारण लोगों के घरों में पानी नहीं पहुँचा, जिससे लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस गए।

रात भर सड़कों और छतों पर टहलते रहे लोग

​रात के समय बिजली न होने और इन्वर्टर बंद हो जाने के कारण कमरे भट्टियों की तरह तपने लगे। उमस भरी गर्मी से बेहाल होकर बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं रात भर छतों और सड़कों पर टहलते हुए बिजली आने का इंतजार करते दिखे। नींद पूरी न होने के कारण कामकाजी लोगों और बच्चों का पूरा शेड्यूल बिगड़ गया। आलम यह रहा कि कई बच्चे सुबह स्कूल भी नहीं जा पाए।

1912 हेल्पलाइन भी महज दिखावा

शहर के प्रताप नगर निवासी कौशल शर्मा ने बताया कि रविवार को दिन भर में 4 बार 1912 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करवाई गई। हालांकि, हर बार एक ही रटा-रटाया जवाब सुनने को मिला— “पावरहाउस से कोई फीडबैक नहीं मिल रही है। आपकी शिकायत दर्ज कर ली गई है, जल्द ही समाधान करवाया जाएगा।” लेकिन बार-बार फोन करने के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ।

शिकायत केंद्र से लेकर अधिकारियों तक ने साधी चुप्पी, जनता में भारी रोष

​संकट की इस घड़ी में बिजली उपभोक्ताओं को विभाग का कोई सहयोग नहीं मिला। जब परेशान लोगों ने बिजली कट का कारण और बिजली आने का समय जानने के लिए बिजली बोर्ड के शिकायत केंद्र और संबंधित अधिकारियों को संपर्क करने की कोशिश की, तो अधिकारियों ने अपने फोन उठाना भी मुनासिब नहीं समझा। स्थानीय जेई दुर्गा दास और एसडीओ के मोबाइल नंबरों पर बार-बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

​स्थानीय निवासियों का कहना है कि बिजली विभाग बिना किसी पूर्व सूचना के इतने लंबे कट लगा रहा है। गर्मी के इस मौसम में 13 घंटे तक बिजली-पानी गायब रहना और ऊपर से अधिकारियों द्वारा फोन न उठाना प्रशासनिक नाकामी और संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है। लोगों ने मांग की है कि लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।

Ami News
Author: Ami News

trfgcvkj.blkjhgfd

Leave a Comment

और पढ़ें

Horoscope

Weather

और पढ़ें
error: Content is protected !!