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जमीन-जायदाद की रजिस्ट्री अब और आसान: सिफारिश और बिचौलियों पर लगाम, लागू हुई नई टोकन व्यवस्था

संपत्ति पंजीकरण में वीआईपी कल्चर और बिचौलियों पर लगाम: अब रोजाना सिर्फ 20 रैंडम टोकन

  • तहसील और उप-मंडल स्तर पर नई व्यवस्था लागू, सिफारिश और भीड़ से मिलेगी मुक्ति
  • उप-तहसील स्तर पर पुरानी व्यवस्था ही रहेगी जारी, नहीं हुआ कोई बदलाव

​ राज्य में संपत्ति पंजीकरण (Property Registration) की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, आसान और तेज बनाने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब तहसील और उप-मंडल स्तर के प्रत्येक रजिस्ट्रेशन ऑफिस में प्रतिदिन केवल 20 टोकन ही जारी किए जाएंगे। यह नई व्यवस्था बीते वीरवार से पूरे राज्य में प्रभावी रूप से लागू कर दी गई है। इस बदलाव के बाद अब लोगों को रजिस्ट्री दफ्तरों में घंटों लाइन में नहीं लगना पड़ेगा और न ही सिफारिशों का सहारा लेना होगा।

रैंडम तरीके से मिलेगा टोकन, सबको समान अवसर

​राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्त आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने राज्य के सभी जिलों के उपायुक्तों (DC) को इस नई व्यवस्था को कड़ाई से लागू करने के निर्देश दिए हैं।

​वित्त आयुक्त ने स्पष्ट किया कि जिला मुख्यालय और उप-मंडल स्तर के रजिस्ट्रार कार्यालयों में रोजाना 20-20 टोकन पूरी तरह से ‘रैंडम’ (यादृच्छिक) आधार पर दिए जाएंगे। इस कंप्यूटरीकृत या रैंडम व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि किसी भी व्यक्ति को पहले से कोई विशेष लाभ नहीं मिल सकेगा और न ही अपॉइंटमेंट तय करने में किसी प्रकार का पक्षपात या हेरफेर संभव होगा। सभी आवेदकों को पंजीकरण के लिए बिल्कुल बराबर का मौका मिलेगा।

मुख्य बिंदु: नई व्यवस्था की खास बातें

  • सीमित टोकन: हर तहसील और उप-मंडल कार्यालय में रोजाना केवल 20 टोकन मिलेंगे।
  • पारदर्शी चयन: टोकन का वितरण रैंडम तरीके से होगा, जिससे पक्षपात की गुंजाइश खत्म होगी।
  • समय सीमा: टोकन धारक का काम तय समय के भीतर पूरा करना अधिकारियों के लिए अनिवार्य होगा।
  • अपवाद: उप-तहसील (Sub-Tehsil) स्तर पर फिलहाल पुरानी व्यवस्था ही चलती रहेगी, वहाँ कोई बदलाव नहीं है।

बिचौलियों और एजेंटों के शोषण से मिलेगी मुक्ति

​डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि इस क्रांतिकारी बदलाव का मुख्य उद्देश्य रजिस्ट्री दफ्तरों से वीआईपी कल्चर को खत्म करना है। उन्होंने कहा:

​”इस व्यवस्था से हर आम और खास नागरिक को समान अवसर मिलेगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अब बिचौलियों और एजेंटों द्वारा किए जाने वाले गलत दावों, धोखाधड़ी और आम जनता के शोषण पर पूरी तरह से रोक लग जाएगी।”

​अब संपत्ति के रजिस्ट्रेशन के लिए न तो लंबी लाइनों का झंझट रहेगा और न ही किसी रसूखदार की सिफारिश का असर चलेगा। प्रशासन ने यह भी साफ कर दिया है कि जिस भी आवेदक को टोकन जारी होगा, उसका काम निर्धारित समयावधि में पूरा करना दफ्तर के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए अनिवार्य होगा।

Ami News
Author: Ami News

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