भारत-पाक सीमा पर फूटा धुस्सी बांध: गाहलड़ी समेत कई गांवों में बाढ़, फसलें जलमग्न
अचानक बढ़े जलस्तर से मचा हड़कंप, सुरक्षित स्थानों पर पलायन करने को मजबूर हुए ग्रामीण

- रावी दरिया में अचानक बढ़ा पानी, गाहलड़ी हेड के सामने टूटा धुस्सी बांध।
- गांवों की गलियों और खेतों में बहा दरिया जैसा पानी, मवेशियों को बचाने में जुटे लोग।
- पुलिस और बचाव दल मौके पर तैनात, जिला प्रशासन ने संभाला मोर्चा।
- किसी जानी नुकसान की खबर नहीं, लेकिन फसलों को भारी नुकसान की आशंका।
भारत-पाकिस्तान सीमा के पास रावी दरिया के रौद्र रूप ने एक बार फिर तबाही मचाई है। दरिया में जलस्तर अचानक बढ़ने के कारण गाहलड़ी हेड के सामने बना धुस्सी बांध एक बार फिर टूट गया। बांध टूटने से भारी मात्रा में पानी तेजी से गांव गाहलड़ी और उसके आसपास के कई रिहायशी इलाकों और खेतों में घुस गया है। पानी की रफ्तार इतनी तेज थी कि ग्रामीणों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और देखते ही देखते पूरा इलाका जलमग्न हो गया।
गलियों में बहा दरिया, मवेशियों को बचाने की होड़
अचानक आए इस सैलाब के बाद गांवों की गलियों और खेतों में दरिया जैसा नजारा देखने को मिल रहा है। पानी घरों के भीतर तक प्रवेश कर गया है। संकट की इस घड़ी में ग्रामीण अपने स्तर पर ही घरों का कीमती सामान और मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की जद्दोजहद में जुट गए हैं। चारों तरफ अफरातफरी का माहौल बना हुआ है।

प्रशासन अलर्ट, बचाव कार्य जारी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत-बचाव दल (Rescue Teams) तुरंत मौके पर पहुंच गए हैं। जिला प्रशासन स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पूरी तरह मुस्तैद है। एहतियाती कदम उठाते हुए प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि प्रभावित लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर स्थानांतरित करने के लिए पुख्ता तैयारियां कर ली गई हैं।
प्रशासन की अपील: > “स्थिति नियंत्रण में है और राहत कार्य जारी हैं। आम जनता से अपील है कि वे धैर्य रखें, सतर्क रहें और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें।” – जिला प्रशासन

जान का नुकसान नहीं, पर फसलों की बर्बादी तय
राहत की बात यह है कि इस आपदा में फिलहाल किसी भी तरह के जानी नुकसान (जनहानि) की कोई सूचना नहीं है। हालांकि, सैकड़ों एकड़ में खड़ी फसलें पूरी तरह पानी में डूब चुकी हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। खेतों में पानी भरने से आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।








