संदिग्ध परिस्थितियों में मां-बेटी की मौत, बेटा गंभीर; कांगड़ा के ज्वाली में कोहराम

- उपमंडल ज्वाली के धेवा पंचायत (घेली गांव) की हृदयविदारक घटना।
- रात का खाना खाकर सोया था परिवार, सुबह बेसुध मिले सदस्य।
- सातवीं में पढ़ने वाले बेटे की हालत नाजुक, अस्पताल में भर्ती।
- मामले की गहन जांच के लिए बुलाई गई FSL (फॉरेंसिक) की टीम।
ज्वाली (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और रौंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। उपमंडल ज्वाली के अंतर्गत धेवा पंचायत के घेली गांव में संदिग्ध परिस्थितियों में मां और बेटी की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि मासूम बेटे की हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है। इस हृदयविदारक घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है और हर कोई स्तब्ध है।

सुबह खुली आंख तो उड़ गए होश
मिली जानकारी के मुताबिक, घेली गांव के निवासी बुद्धि सिंह का परिवार रोजाना की तरह गुरुवार रात को खाना खाकर अपने कमरे में सोने गया था। शुक्रवार सुबह जब बुद्धि सिंह की आंख खुली, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने अपनी पत्नी शकुंतला देवी (42) और नौवीं कक्षा में पढ़ने वाली बेटी प्रिया को बेसुध पाया। बुद्धि सिंह ने जब उन्हें हिला-डुला कर जगाने का प्रयास किया, तो पता चला कि दोनों दम तोड़ चुकी थीं।
इसी बीच, उनका सातवीं कक्षा में पढ़ने वाला बेटा लेख राज भी गंभीर रूप से बीमार मिला और उसे लगातार उल्टियां हो रही थीं। बेटे की बिगड़ती तबीयत को देखते हुए उसे तुरंत आनन-फानन में उपचार के लिए नागरिक अस्पताल ज्वाली ले जाया गया, जहां उसकी हालत अब भी नाजुक बनी हुई है।
जांच के लिए पहुंची FSL की टीम
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए नूरपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) ने स्वयं घेली गांव पहुंचकर घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया और पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया।
पुलिस का बयान: “मामले की निष्पक्ष और गहन वैज्ञानिक जांच के लिए FSL (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम को मौके पर बुलाया गया है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल और घर के भीतर से जरूरी नमूने एकत्र किए हैं।”

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल दोनों की मौत के असली कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असल वजह स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस गृहस्वामी बुद्धि सिंह के बयानों को आधार मानकर और आसपास के माहौल को देखते हुए सभी पहलुओं से मामले की तफ्तीश कर रही है। एक हंसते-खेलते परिवार पर टूटे दुखों के इस पहाड़ से पूरे गांव की आंखें नम हैं।








