पांगी घाटी में बादल फटने से भारी तबाही, लोक निर्माण विभाग ने युद्ध स्तर पर बहाल किया मार्ग
सेचू-तुआन मार्ग पर छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू; मलबे में धंसी जेसीबी मशीन, फसलें पूरी तरह बर्बाद

जितेंद्र मेहरा, चम्बा जिला चम्बा के जनजातीय क्षेत्र पांगी घाटी में प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिला है। पांगी की घिसल धार में अचानक बादल फटने के कारण घिसल और हिलौर नालों में भीषण बाढ़ आ गई। नाले के उफान पर आने से भारी मात्रा में मलबा और विशाल चट्टानें सड़क पर आ गिरीं, जिससे महत्वपूर्ण सेचू-तुआन मार्ग पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया। इस आपदा के कारण न केवल स्थानीय निवासियों बल्कि पर्यटकों की आवाजाही भी पूरी तरह ठप्प हो गई।
बाढ़ का प्रकोप इतना खतरनाक था कि क्षेत्र में लगी फसलें पूरी तरह से तबाह हो गई हैं। वहीं, मौके पर काम कर रही लोक निर्माण विभाग की एक जेसीबी (JCB) मशीन भी मलबे की चपेट में आकर धंस गई।

युद्ध स्तर पर शुरू हुआ राहत कार्य
आपदा की सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीमें भारी मशीनरी के साथ तुरंत मौके पर पहुंच गईं। बंद मार्ग को खोलने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य शुरू किया गया। विभाग के कर्मचारियों की कड़ी मशक्कत के बाद फिलहाल इस मार्ग पर छोटे वाहनों की आवाजाही को सुरक्षित रूप से बहाल कर दिया गया है, जिससे घाटी के लोगों ने बड़ी राहत की सांस ली है। कर्मचारी अब बड़े वाहनों के लिए भी रास्ता सुचारू करने में दिन-रात जुटे हुए हैं।

विभागीय मुस्तैदी से मिली राहत
गुरुवार शाम 7 बजे लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता इंजीनियर जीत सिंह ठाकुर ने बताया कि भीषण बाढ़ से सेचू-तुआन मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। विभागीय टीम ने मुस्तैदी से काम करते हुए फिलहाल छोटे वाहनों के लिए यातायात बहाल कर दिया है। जल्द ही इस मार्ग को बड़े वाहनों के लिए भी पूरी तरह खोल दिया जाएगा।

नदी-नालों से दूर रहने की सलाह
अधीक्षण अभियंता ने मौसम के खराब मिजाज को देखते हुए स्थानीय लोगों और चालकों को नदी-नालों के पास न जाने की सख्त हिदायत दी है। उन्होंने यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह देते हुए कहा कि विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।








