पठानकोट में आसमानी आफत: सुआ टूटने से डूबी सैकड़ों एकड़ फसल, किसान दाने-दाने को मोहताज

पठानकोट: पठानकोट के अंतर्गत आते गांव रानीपुर ढींगा में उस समय हाहाकार मच गया, जब क्षेत्र में हुई तेज बारिश के कारण अचानक सुआ (नहर) टूट गया। सुआ टूटने के कारण भारी मात्रा में पानी आसपास के खेतों और रिहायशी इलाकों में दाखिल हो गया。 देखते ही देखते किसानों की कई एकड़ में खड़ी फसल पूरी तरह जलमग्न हो गई, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।

प्रशासन और ठेकेदार की लापरवाही आई सामने
घटना को लेकर ग्रामीणों और किसानों में प्रशासन के खिलाफ भारी रोष देखा जा रहा है। वार्ड नंबर ३ के पंचायत सदस्य और स्थानीय निवासियों का कहना है कि सुए का काम पिछले साल से चल रहा था। विभाग को पहले भी तीन-चार बार लिखित शिकायत देकर सुए पर पैच लगाने और पानी की सही निकासी का प्रबंध करने की मांग की गई थी, लेकिन अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार और संबंधित महकमे की घोर लापरवाही के कारण ही आज सुआ टूटा है। पुलियों के निर्माण के नाम पर रास्ते पिछले १५ दिनों से बंद पड़े हैं, जिससे ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

पोल्ट्री फार्म भी पानी में डूबे, लाखों का नुकसान
स्थानीय पीड़ित किसानों और पोल्ट्री फार्म संचालकों ने बताया कि उन्होंने कर्ज उठाकर और कड़ी मेहनत से फसलें बीजी थीं। अभी तो केवल मानसून की पहली बारिश हुई है और सुए का पानी खेतों में भरने से फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। इसके अलावा, क्षेत्र में स्थित पोल्ट्री फार्मों में भी पानी भर गया है, जिससे भारी नुकसान हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि अभी तो केवल बारिश का पानी आया है, कल को अगर रंजीत सागर डैम या मुख्य नहर का पानी इस सुए में छोड़ा गया, तो पूरा गांव ही डूब जाएगा।

किसानों की मांग:
“अगर जल्द ही खेतों से पानी की निकासी नहीं की गई, तो बची-खुची फसलें भी सड़ जाएंगी। हमारी प्रशासन से मांग है कि तुरंत टूटे हुए सुए की मरम्मत करवाई जाए, फसलों के नुकसान का विशेष गिरदावरी (सर्वे) करवाकर पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए।”








