चम्बा में झमाझम बारिश से बदला मौसम का मिजाज, भीषण गर्मी से मिली राहत
बड़ी राहत: दो दिनों की उमस के बाद बरसे बदरा, तापमान में भारी गिरावट; प्रशासन ने नालों के किनारे वाहन खड़े न करने की अपील की।

चंबा (जितेंद्र मेहरा): मैदानी इलाकों में जहां पारा 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने से लोग त्राहि-त्राहि कर रहे हैं, वहीं हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिला में मौसम ने करवट बदल ली है। क्षेत्र में देर रात से शुरू हुई झमाझम बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। पिछले दो दिनों से भीषण उमस और तेज गर्मी से जूझ रहे स्थानीय लोगों को इस बारिश से बड़ी राहत मिली है। सुबह होते ही ठंडी हवाओं ने पूरे शहर को तरोताजा कर दिया, जिससे लोग सुहावने मौसम का आनंद लेने के लिए छाते लेकर बाजारों और सड़कों पर निकल पड़े।

मलबे की चपेट में आए वाहन, टला बड़ा हादसा
बारिश के चलते तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है, जिससे पूरा क्षेत्र खुशनुमा हो गया है। हालांकि, लगातार हुई तेज बारिश के कारण कुछ स्थानों पर नालों में पानी के साथ भारी मात्रा में मलबा भी बहकर आ गया। इस दौरान नालों के समीप खड़े दोपहिया वाहन और एक कार मलबे की चपेट में आ गए। गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई बड़ा जानी नुकसान नहीं हुआ और समय रहते स्थिति को सामान्य कर लिया गया।
प्रशासन की अपील: नदी-नालों से दूर रहें
प्रशासन और स्थानीय प्रशासन ने बरसात के मद्देनजर विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे अपने वाहन नालों, खड्डों और जलधाराओं के किनारे कतई खड़े न करें। अचानक जलस्तर बढ़ने या मलबा आने से जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता है। साथ ही नदी-नालों के आसपास अनावश्यक आवाजाही से बचने की भी सलाह दी गई है।

किसानों और पर्यटन कारोबारियों के चेहरे खिले
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बारिश ने न सिर्फ गर्मी से निजात दिलाई है, बल्कि यह खेती-बाड़ी के लिए भी संजीवनी साबित होगी। इससे फसलों को पर्याप्त नमी मिलेगी। वहीं, पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों को भी उम्मीद है कि मौसम सुहावना होने से चम्बा में पर्यटकों की आमद बढ़ेगी, जिससे स्थानीय कारोबार को गति मिलेगी। लोगों ने उम्मीद जताई है कि इस बार मानसून सुरक्षित और लाभकारी रहेगा और पिछले वर्ष जैसी तबाही दोबारा नहीं होगी।








