पठानकोट में मानसून की पहली बारिश ने खोली नगर निगम के दावों की पोल, जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त
गांधी चौक सहित कई मुख्य सड़कें बनीं तालाब, सीवरेज व्यवस्था ठप होने से फूटा स्थानीय लोगों का गुस्सा

पठानकोट, 1 जुलाई: पठानकोट में जुलाई महीने की शुरुआत तेज बारिश के साथ हुई। लंबे समय से पड़ रही गर्मी से लोगों को राहत तो मिली, लेकिन मानसून की इस पहली ही बारिश ने शहर की प्रशासनिक व्यवस्था और नगर निगम के दावों की पोल खोल कर रख दी है। पहली बारिश के बाद ही शहर के कई मुख्य बाजारों और रिहायशी इलाकों में पानी भर गया, जिससे स्थानीय निवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सड़कों पर जमा हुआ 2 फीट तक पानी, वाहन चालक परेशान
बुधवार सुबह से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण शहर की मुख्य सड़कों, विशेषकर गांधी चौक समेत कई प्रमुख मार्गों पर एक से दो फीट तक पानी जमा हो गया। जलभराव के कारण दोपहिया वाहन बीच रास्ते में ही बंद हो गए, जिससे सड़कों पर गाड़ियां रेंगती नजर आईं। सबसे ज्यादा परेशानी दफ्तर, स्कूल और बाजारों में जाने वाले लोगों को हुई, जिन्हें गंदे पानी के बीच से मजबूरन पैदल गुजरना पड़ा।
दुकानों और घरों में घुसा पानी, व्यापार प्रभावित
बारिश का भारी असर शहर के बाजारों में देखने को मिला। दुकानों के बाहर पानी भर जाने के कारण ग्राहकों की आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई। कई नीचले इलाकों में पानी लोगों के घरों और दुकानों के भीतर तक घुस गया, जिससे स्थानीय दुकानदारों और निवासियों का काफी नुकसान हुआ है। लोगों का आरोप है कि नगर निगम हर साल बड़े-बड़े दावे करता है, लेकिन जमीनी हकीकत जस की तस बनी हुई है।
प्रशासन के दावों की खुली पोल: पार्षद
वार्ड के स्थानीय पार्षद (अमन) ने स्थिति का जायजा लेते हुए प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा,
”प्रशासन के दावों की पोल सबके सामने खुल चुकी है। बतौर पार्षद मैंने अपने स्तर पर वार्ड में सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने की पूरी कोशिश की है, लेकिन शहर में सैनिटेशन और सीवरेज ब्लॉकेज की समस्या इतनी गंभीर है कि हर बार बारिश का पानी रुक जाता है। पॉश इलाका (चिल्ड्रन पार्क) होने के बावजूद यहाँ के हालात बदतर हैं। मैं प्रशासन से मांग करता हूँ कि आने वाले मानसून सीजन के मद्देनजर इस समस्या का तुरंत स्थायी समाधान निकाला जाए ताकि स्कूली बच्चों और आम जनता को इस नरक से मुक्ति मिल सके।”

स्थानीय निवासियों का फूटा गुस्सा, कहा- ‘हर साल की यही कहानी’
मिशन रोड और फ्रॉग हट्ट (Froghat) इलाके के पास रहने वाले एक स्थानीय निवासी ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा,
”हर बार तेज बारिश होते ही मिशन रोड की तरफ से सारा पानी घूमकर हमारे यहाँ जमा हो जाता है। दो-तीन घंटे तक पानी की निकासी नहीं होती, जिससे बदबू और कीड़े-मकोड़े पैदा हो रहे हैं। बच्चे स्कूल नहीं जा पाते, लोग काम पर नहीं निकल पाते। हमने कई बार नगर निगम, एम.सी. और एम.एल.ए. से शिकायत की, लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं हुआ। अगर समय रहते नालों और सीवरेज की सफाई की जाती, तो आज शहर को यह दिन न देखना पड़ता।”

स्थानीय लोगों ने नगर निगम और जिला प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि जलभराव की इस गंभीर समस्या से उन्हें जल्द से जल्द निजात दिलाई जाए ताकि आने वाले बरसाती दिनों में उन्हें और अधिक नुकसान न उठाना पड़े।








