पठानकोट-जम्मू नेशनल हाईवे पर विकास के दावों की खुली पोल: तीन नंबर पुल के नीचे अंडरपास बना ‘स्विमिंग पूल’, प्रशासन मौन

पठानकोट से जम्मू को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे-44 (NH-44) पर सुजानपुर के पास तीन नंबर पुल के नीचे बना अंडरपास इस समय स्थानीय लोगों और यात्रियों के लिए मुसीबत का सबब बन चुका है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के ‘अद्भुत इंजीनियरिंग’ का नतीजा यह है कि यहाँ हल्की बारिश के बाद भी तीन से चार फीट पानी जमा हो जाता है, जिससे यह पूरा रास्ता किसी तालाब में तब्दील हो गया है। हैरान करने वाली बात यह है कि बिना बारिश के दिनों में भी यहाँ जलभराव की समस्या जस की तस बनी रहती है।
गाड़ियाँ हो रहीं खराब, लग रहा लंबा जाम
जलभराव इतना गहरा है कि यहाँ से गुजरने वाले वाहन, विशेषकर आधुनिक सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक तकनीक वाली गाड़ियाँ, पानी के बीच में ही बंद हो जा रही हैं। पानी के डर से कई वाहन चालक बीच रास्ते से ही गाड़ी वापस मोड़ने को मजबूर हैं, जिससे हाईवे पर दुर्घटनाओं का अंदेशा लगातार बना रहता है। स्थानीय टैक्सी चालकों का कहना है कि पानी में गाड़ियाँ बंद होने से इंजन और सेंसर खराब हो रहे हैं, जिससे उन्हें प्रति गाड़ी 50,000 रुपये तक का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
“एनएच-44 का यह हिस्सा बिल्कुल कचरा बन चुका है। जब भी मौसम थोड़ा खराब होता है, हमें यहाँ दो-दो घंटे रुकना पड़ता है। हमारी गाड़ियाँ खराब हो रही हैं, लेकिन प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है।” > – चांदी मंगलपुर, स्थानीय टैक्सी चालक

प्रशासन और NHAI बने मूकदर्शक
मौके पर मौजूद लोगों और राहगीरों ने प्रशासन और हाईवे अथॉरिटी के खिलाफ भारी रोष व्यक्त किया। जलभराव को रोकने के लिए हाईवे के किनारे जो बैरिकेड्स लगाए गए थे, वे भी टूटे हुए और बदहाल स्थिति में एक तरफ फेंके हुए हैं। पंजाब सरकार द्वारा सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए बनाई गई ‘सड़क सुरक्षा फोर्स’ (SSF) भी इस मार्ग पर विफल नजर आ रही है, क्योंकि यात्रियों को इस खतरनाक रास्ते पर जाने से रोकने या रूट डायवर्ट करने के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं।
वन-वे ट्रैफिक से बढ़ रहा हादसों का खतरा
पानी के जमावड़े के कारण वाहन चालकों को मजबूरन वन-वे (एकतरफा) होकर निकलना पड़ रहा है। इस व्यस्त हाईवे पर पर्यटकों और स्थानीय वाहनों की भारी आवाजाही रहती है, ऐसे में विपरीत दिशा से आने वाले वाहनों के कारण किसी भी समय बड़ी और भयानक दुर्घटना घटित हो सकती है।

जनता की मांग: तुरंत बदला जाए पुल का डिजाइन
स्थानीय निवासियों और चालकों ने मांग की है कि पानी की निकासी (ड्रेनेज सिस्टम) का कोई स्थाई समाधान निकाला जाए और इस अंडरपास के दोषपूर्ण डिजाइन को तुरंत सुधारा जाए, ताकि लोगों को इस रोजाना के नरक से मुक्ति मिल सके।








