वेब स्टोरी

ई-पेपर

लॉग इन करें

पठानकोट: हादसों का गढ़ बना डाउनटाउन के सामने NH का कट, दांव पर राहगीरों की जान — AMI News

पठानकोट: हादसों का गढ़ बना डाउनटाउन के सामने नेशनल हाईवे का ‘अवैध कट’

​प्रशासन और NHAI की लापरवाही से हर दिन दांव पर लग रही राहगीरों की जान; स्पीड ब्रेकर और ट्रैफिक लाइट न होने से लगातार बढ़ रहे हादसे।

पठानकोट: पठानकोट का डाउनटाउन क्षेत्र इन दिनों स्थानीय निवासियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र कम और हादसों का गढ़ ज्यादा बन चुका है. डाउनटाउन के ठीक सामने नेशनल हाईवे (NH) पर बनाया गया एक कट राहगीरों के लिए काल साबित हो रहा है. इस व्यस्त मार्ग पर आए दिन रोंगटे खड़े कर देने वाले सड़क हादसे हो रहे हैं, जिसके कारण अब जनता का गुस्सा प्रशासन और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के खिलाफ फूट पड़ा है.

​सुचारू व्यवस्था का अभाव: वैध या अवैध?

​यह नेशनल हाईवे पूरे देश को जम्मू-कश्मीर से जोड़ता है, जहाँ दिन-रात बड़े ट्रकों, फोर-व्हीलर्स, टू-व्हीलर्स और ऑटो-रिक्शा की भारी आवाजाही रहती है. इसी मार्ग पर सुजानपुर की ओर जाने वाली एक लिंक रोड भी जुड़ती है. इतने संवेदनशील और व्यस्त चौराहे पर इस कट का होना कई बड़े सवाल खड़े करता है:

    • यदि यह कट वैध है: तो यहाँ पर आज तक ट्रैफिक लाइट्स (Traffic Lights) या ट्रैफिक कर्मचारियों की तैनाती क्यों नहीं की गई?
    • यदि यह कट अवैध है: तो निजी हितों या किसी को फायदा पहुँचाने के लिए इतने बड़े हादसे के पॉइंट को अभी तक खुला क्यों छोड़ा गया है और इसे बंद क्यों नहीं किया गया?

​”स्पीड में आ रहे वाहनों के बीच इस कट से अचानक गाड़ियां मुड़ती हैं। अगर यह कट वैध है तो यहाँ ट्रैफिक सिस्टम क्यों नहीं है? और अगर अवैध है, तो प्रशासन किसे उपकृत (Oblige) करने के लिए लोगों की जान दांव पर लगा रहा है?”

स्थानीय रिपोर्टर / जनता

​रोंग साइड ड्राइविंग और स्पीड ब्रेकर न होना मुख्य वजह

​डाउनटाउन के सामने बने इस कट की स्थिति इसलिए भी खतरनाक है क्योंकि यहाँ वाहनों की गति काफी तेज होती है. इसके बावजूद हाईवे पर दूर-दूर तक कोई स्पीड ब्रेकर (Speed Breakers) या गति नियंत्रक बोर्ड नहीं लगाए गए हैं. रही-सही कसर यहाँ रोंग साइड (गलत दिशा) से आने वाले वाहन पूरी कर देते हैं, जो शॉर्टकट के चक्कर में अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डालकर इस कट का इस्तेमाल करते हैं. पास ही बने फूड कोर्ट्स और पार्किंग से निकलने वाले लोग भी बिना किसी सुरक्षा संकेत के सीधे हाईवे के ट्रैफिक के सामने आ जाते हैं.

​पंजाब सरकार और NHAI से जवाब की मांग

​स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन ने पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए डाउनटाउन जैसी जगह तो खड़ी कर दी, लेकिन इसके बाहर के सुरक्षा इंतजामों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया. आए दिन होने वाले इन हादसों की जिम्मेदारी आख़िर कौन लेगा?

​जनता ने अब पंजाब सरकार और NHAI विभाग से सीधे तौर पर जवाब मांगते हुए यहाँ तुरंत ट्रैफिक लाइट्स लगाने, स्पीड ब्रेकर बनाने और अवैध रूप से मुड़ने वाले वाहनों पर सख्ती से कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि किसी बड़े और वीभत्स हादसे को होने से पहले रोका जा सके.

Ami News
Author: Ami News

trfgcvkj.blkjhgfd

Leave a Comment

और पढ़ें

Horoscope

Weather

और पढ़ें
error: Content is protected !!