प्रशासन की चेतावनी बेअसर: नहर में उतरकर जान जोखिम में डाल रहे युवा, बड़े हादसे की आशंका
लक्ष्मण गार्डन क्षेत्र का मामला; 17-18 वर्ष के किशोर बेखौफ होकर लगा रहे हैं डुबकी, अभिभावकों को जागरूक होने की जरूरत।

पठानकोट: स्थानीय प्रशासन द्वारा बार-बार दी जा रही सख्त चेतावनियों और सुरक्षा अपीलों के बावजूद, लोग अपनी जान जोखिम में डालकर नहरों में उतरने से बाज नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला पठानकोट के लक्ष्मण गार्डन क्षेत्र के पास बहने वाली नहर से सामने आया है, जहां भीषण गर्मी और छुट्टी के दिन का फायदा उठाने के लिए बड़ी संख्या में युवा नहर में नहाने पहुंच रहे हैं।
ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, प्रशासन द्वारा लगातार मुस्तैदी दिखाते हुए इन युवाओं को सचेत किया जा रहा है और खुद अधिकारी मौके पर जाकर उन्हें नहर से दूर रहने की हिदायत दे रहे हैं। लेकिन इसके बावजूद, जागरूकता की भारी कमी (Unawareness) के कारण किशोर इस जानलेवा खतरे को भांप नहीं पा रहे हैं। प्रशासन द्वारा हटाए जाने के कुछ ही समय बाद ये युवा फिर से बेखौफ और निडर होकर पानी में उतर जाते हैं।

कल को हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन?
मौके पर नहा रहे युवाओं में ज्यादातर 17 से 18 वर्ष के किशोर शामिल हैं, जो बिना किसी डर के पानी में खेल रहे हैं। इस स्थिति पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि यदि कल को पानी के तेज बहाव के कारण कोई बड़ा हादसा हो जाता है, तो इन परिवारों को कौन जवाब देगा? अक्सर देखा जाता है कि दुर्घटना होने के बाद लोग प्रशासन के पास न्याय की गुहार लगाते हैं, लेकिन वर्तमान में खुद युवाओं द्वारा अपनी जान को जोखिम में डाला जा रहा है।
नहर का पानी कब रौद्र रूप ले ले और कब किसी के लिए काल बन जाए, यह कोई नहीं जानता। अभी इन बच्चों को यह महज एक ‘एंजॉयमेंट’ (मनोरंजन) लग रहा है, लेकिन यह लापरवाही पूरे परिवार को उम्र भर का गम दे सकती है।

अभिभावकों से सतर्क रहने की अपील
इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए प्रबुद्ध नागरिकों और प्रशासन ने सभी माता-पिता व अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को इस खतरे के प्रति सचेत करें। उन्हें इस तरह से नहर के किनारों पर न जाने दें। अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए सतर्क रहें, क्योंकि पानी का कोई भरोसा नहीं होता। अपनी जिंदगी को इस तरह दांव पर न लगाएं और घरों में सुरक्षित रहें।








