दीनानगर में आवारा कुत्तों का आतंक: खेल रहे 8 साल के मासूम को नोचा, लोगों में भारी आक्रोश
अजीत नगर की घटना: घर के बाहर खेल रहे बच्चे पर कुत्ते ने किया अचानक हमला, अस्पताल में भर्ती
प्रशासन मौन: बार-बार शिकायत के बाद भी नहीं की जा रही कोई ठोस कार्रवाई, दहशत में लोग

दीनानगर: दीनानगर शहर और इसके आस-पास के इलाकों में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या अब स्थानीय निवासियों, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए एक गंभीर खतरा बन चुकी है। इसी बीच वार्ड के अजीत नगर इलाके से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक आवारा कुत्ते ने घर के बाहर खेल रहे 8 साल के मासूम बच्चे पर जानलेवा हमला कर उसे बुरी तरह घायल कर दिया। इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ भारी गुस्सा और दहशत का माहौल है।

गली में खेलते समय हुआ अचानक हमला
मिली जानकारी के अनुसार, अजीत नगर के निवासी सतनाम सिंह का 8 वर्षीय बेटा मनकुंवर सिंह अपने घर के बाहर गली में अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान वहाँ घूम रहे एक खूंखार आवारा कुत्ते ने अचानक मासूम मनकुंवर पर हमला कर दिया और उसे कई जगह से काट लिया। बच्चे की चीख-पुकार सुनकर परिवार वाले और आस-पास के पड़ोसी तुरंत मौके पर दौड़े और कड़ी मशक्कत के बाद कुत्ते को वहाँ से भगाया। खून से लथपथ घायल बच्चे को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) दिया।
‘बच्चों को बाहर भेजने से भी लगता है डर’ — सहमे माता-पिता
पीड़ित बच्चे के माता-पिता और मोहल्ला वासियों ने अपनी चिंता जाहिर करते हुए कहा कि स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि अब वे अपने बच्चों को घर से बाहर खेलने भेजने में भी कतराने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि दीनानगर के लगभग हर मोड़ और गली में आवारा कुत्तों के झुंड जमा रहते हैं। आए दिन ये कुत्ते राहगीरों, बाइक सवारों और बुजुर्गों को अपना निशाना बना रहे हैं।
“हम कई बार संबंधित विभाग और नगर कौंसिल प्रशासन को लिखित और मौखिक शिकायतें दे चुके हैं, लेकिन अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही। प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है क्या?” > — स्थानीय निवासी, अजीत नगर

प्रशासन से तुरंत नसबंदी और डॉग-कैचिंग अभियान की मांग
इस घटना के बाद दीनानगर के विभिन्न सामाजिक संगठनों और मोहल्ला कमेटियों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से तुरंत दखल देने की मांग की है। लोगों का कहना है कि आवारा कुत्तों की बढ़ती आबादी को रोकने के लिए तुरंत नसबंदी अभियान चलाया जाए और आक्रामक हो चुके कुत्तों को पकड़कर शहर से बाहर सुरक्षित स्थानों या डॉग शेल्टर में भेजा जाए ताकि भविष्य में किसी मासूम की जान को खतरा न हो।








