‘रावण आज भी मौजूद है, बस स्वरूप बदल गया’: अयोध्या राम मंदिर चोरी पर जकार्ता में छलका धीरेंद्र शास्त्री का दर्द

अयोध्या/जकार्ता: अयोध्या स्थित भव्य राम मंदिर के दानपात्र से हुई चोरी के मामले पर आखिरकार बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपनी चुप्पी तोड़ दी है। इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में आयोजित एक धार्मिक कथा के दौरान उन्होंने इस घटना पर बेहद तीखी और भावुक प्रतिक्रिया दी। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि यह घटना केवल पैसों की चोरी नहीं है, बल्कि दुनिया भर के करोड़ों सनातनियों और रामभक्तों की अटूट आस्था पर किया गया एक क्रूर हमला है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि इस महापाप के दोषियों को भगवान का महादंड भुगतना ही पड़ेगा।
‘दानपात्र से धन नहीं, श्रद्धा लूटी गई’
कथा के दौरान व्यासपीठ से श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए धीरेंद्र शास्त्री भावुक हो गए। त्रेतायुग का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा,
”रावण ने माता जानकी का हरण किया था, लेकिन राम मंदिर के दानपात्र से हुई इस चोरी में करोड़ों लोगों की श्रद्धा और विश्वास को लूटा गया है। रावण आज भी हमारे बीच मौजूद है, बस उसका स्वरूप बदल गया है।”

उनके इस बयान के बाद कथा पंडाल में मौजूद हजारों श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं।
‘पर्ची खोलकर नाम बताया, तो लोग हमें निपटा देंगे’
चोरी की घटना के बाद सोशल मीडिया और आम जनता के बीच उठ रहे सवालों का जवाब भी उन्होंने अपने चिरपरिचित अंदाज में दिया। उन्होंने हल्के व्यंग्य और तीखे लहजे में कहा,
- चुप रहने पर उठे सवाल: “लोग कह रहे थे कि बागेश्वर धाम वाले बाबा इस मुद्दे पर चुप क्यों हैं? लेकिन हमारे दिल से पूछिए कि इस घटना से हम पर क्या बीती है। कुछ बोलो तो लोग सवाल करते हैं, और चुप रहो तो भी घेरते हैं।”
- पर्ची खोलने की चुनौती पर बोले: उन्होंने आगे कहा, “अब लोग यह भी कहेंगे कि बयान तो दे दिया, लेकिन अपनी दिव्य शक्तियों से ‘पर्ची’ खोलकर चोरों का नाम क्यों नहीं बताया? अगर हमने नाम बता दिया, तो लोग हमें ही निपटा देंगे। आज नहीं तो कल निपटा देंगे।”

‘निपटा देंगे’ वाले बयान से सियासी और सामाजिक गलियारों में हलचल
धीरेंद्र शास्त्री के इस बयान—‘हमें निपटा देंगे’—ने अब एक नई बहस को जन्म दे दिया है। हालांकि, अपने पूरे संबोधन के दौरान उन्होंने किसी भी विशिष्ट व्यक्ति, राजनीतिक दल, संगठन या समूह का नाम नहीं लिया और न ही यह साफ किया कि उनका इशारा किसकी तरफ था। इसके बावजूद, उनके इस बयान के कई सियासी और सामाजिक मायने निकाले जा रहे हैं।
जांच जारी:
गौरतलब है कि पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री इन दिनों इंडोनेशिया के जकार्ता में सात दिवसीय धार्मिक कथा कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, अयोध्या के राम मंदिर परिसर में हुई इस संवेदनशील चोरी की जांच देश की प्रमुख सुरक्षा और जांच एजेंसियां बेहद गंभीरता से कर रही हैं। प्रशासन का दावा है कि जल्द ही दोषी कानून की गिरफ्त में होंगे।








