पठानकोट बस स्टैंड पर सुरक्षा व्यवस्था की खुली पोल: पुलिस नदारद, मेटल डिटेक्टर भी गायब

पठानकोट: पंजाब के जिला पठानकोट में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। पुलिस प्रशासन द्वारा जिले में ‘चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा और सर्च ऑपरेशन’ के दावों के बीच, शहर के मुख्य बस स्टैंड पर जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। एएमआई (AMI) टीम द्वारा किए गए एक रियलिटी चेक में बस स्टैंड पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम पूरी तरह नदारद पाए गए।
खोखले साबित हो रहे सुरक्षा के दावे
पठानकोट बस स्टैंड के मुख्य प्रवेश द्वार (Entry Gate), जहाँ से रोजाना हजारों यात्रियों का आना-जाना लगा रहता है, वहाँ चेकिंग के लिए कोई भी सुरक्षाकर्मी तैनात नहीं था। हैरान करने वाली बात यह है कि बस स्टैंड परिसर में पुलिस की चार पहिया गाड़ी तो खड़ी दिखाई दी, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा या संदिग्धों की निगरानी के लिए कोई भी पुलिस जवान मौके पर मौजूद नहीं था। इतना ही नहीं, बस स्टैंड से मेटल डिटेक्टर सिस्टम और सुरक्षा बैरिकेड्स भी पूरी तरह गायब मिले, जो पहले सुरक्षा के लिहाज से लगाए जाते थे।
अधिकारियों ने साधी चुप्पी
जब इस सुरक्षा चूक को लेकर मौके पर मौजूद एएसआई (ASI) राजकुमार से बात करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कैमरे के सामने कोई भी जानकारी देने से साफ मना कर दिया। उन्होंने कहा कि एसएससी (SSP) के दिशा-निर्देशों के अनुसार वे सुरक्षा व्यवस्था या बस स्टैंड के भीतर की जा रही कार्रवाई को लेकर मीडिया को कोई बयान नहीं दे सकते। अधिकारियों की इस चुप्पी ने सुरक्षा इंतजामों पर और भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
“क्या यात्रियों की सुरक्षा केवल कागजों तक सीमित है? बिना बैरिकेड और मेटल डिटेक्टर के इतने संवेदनशील इलाके की सुरक्षा कैसे संभव है?” ### पुलिस का पक्ष: लगातार जारी है सर्च ऑपरेशन
दूसरी ओर, मामले पर बात करते हुए पुलिस अधिकारी दविंदर काशनी ने बताया कि माननीय एसएसपी और डीआईजी साहब के आदेशानुसार पठानकोट जिले के विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर लगातार सर्च ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा:
- रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थानों पर संदिग्धों की निगरानी की जा रही है।
- बाहर से आकर रहने वाले प्रवासी मजदूरों और झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों के आधार कार्ड का वेरिफिकेशन किया जा रहा है।
- स्थानीय और अन्य राज्यों (Outer States) के आधार कार्ड धारकों की जांच की जा रही है ताकि फर्जी दस्तावेजों का पता लगाया जा सके।
हालांकि, पुलिस अधिकारी ने यह भी साफ किया कि अब तक की जांच में कोई भी संदिग्ध या बिना आधार कार्ड वाला मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि भविष्य में कोई ऐसी लापरवाही या संदिग्ध गतिविधि पाई जाती है, तो कानून के तहत उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

जनता में असमंजस
एक तरफ जहाँ पुलिस प्रशासन रूटीन सर्च ऑपरेशन के दावे कर रहा है, वहीं मुख्य बस स्टैंड पर सुरक्षाकर्मियों और आधुनिक चेकिंग उपकरणों का न होना स्थानीय जनता और यात्रियों की सुरक्षा को भगवान भरोसे छोड़ रहा है। अब देखना यह होगा कि इस खुलासे के बाद प्रशासन बस स्टैंड की सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए क्या कदम उठाता है।








