ब्यास नदी के पास जाने पर पाबंदी: लारजी बैराज के खुलेंगे सभी गेट, 24 घंटे ठप रहेगा बिजली उत्पादन
अलर्ट: मंडी जिले में मानसून से पहले जलाशय की सफाई (फ्लशिंग) आज सुबह 6 बजे से शुरू; 2000 क्यूमैक्स तक छोड़ा जाएगा पानी

मंडी : हिमाचल प्रदेश में मानसून की दस्तक से पहले मंडी जिले से बहने वाली ब्यास नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने वाला है। जिले में स्थित ‘लारजी जल विद्युत परियोजना’ के जलाशय की प्री-मानसून फ्लशिंग (सफाई) का काम शुरू किया जा रहा है। इसके चलते 28 जून (रविवार) सुबह 6 बजे से लेकर 29 जून सुबह 6 बजे तक लारजी बैराज के सभी गेट पूरी तरह खोल दिए जाएंगे।
इस 24 घंटे की सफाई प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए बैराज से अधिकतम 2000 क्यूमैक्स तक पानी एक साथ ब्यास नदी में छोड़ा जाएगा। भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण नदी का बहाव बेहद तेज और खतरनाक होने की पूरी संभावना है।
“लारजी बांध से लेकर पंडोह बांध तक ब्यास नदी के किनारों के आसपास भूलकर भी न जाएं। अपने मवेशियों को भी नदी के पानी से दूर रखें।” > — वरिष्ठ अधिशासी अभियंता, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड

लाउडस्पीकर और सायरन से लोगों को किया जा रहा सतर्क
किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान से बचने और लोगों को जागरूक करने के लिए प्रशासन और परियोजना प्रबंधन पूरी तरह मुस्तैद है। नदी के तटीय इलाकों में सायरन बजाकर और विशेष प्रचार वाहनों (लाउडस्पीकर) के माध्यम से स्थानीय ग्रामीणों और पर्यटकों को लगातार सतर्क किया जा रहा है। प्रशासन ने साफ किया है कि इस चेतावनी को नजरअंदाज करना जानलेवा साबित हो सकता है।

24 घंटे पूरी तरह बंद रहेगा बिजली उत्पादन
इस अहम फ्लशिंग प्रक्रिया का सीधा असर बिजली उत्पादन पर भी पड़ेगा। परियोजना अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फ्लशिंग की इस 24 घंटे की अवधि के दौरान लारजी पावर स्टेशन में विद्युत उत्पादन पूरी तरह से बंद रहेगा। जलाशय की सफाई प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही पावर स्टेशन में बिजली उत्पादन दोबारा सुचारू रूप से शुरू किया जाएगा।








