पंजाब: पठानकोट के गाँव जैनपुर में अंडरग्राउंड नाले को लेकर भारी हंगामा, सरपंच और ग्रामीणों में तीखी झड़प

पठानकोट के नजदीकी गाँव जैनपुर में उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई और भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब वर्तमान सरपंच ने पुलिस व प्रशासनिक दल के साथ मिलकर एक अंडरग्राउंड नाले को जेसीबी (JCB) मशीन से खुदवाकर खोलना शुरू कर दिया। इस कार्रवाई का ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं ने पुरजोर विरोध किया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि ग्रामीणों ने सरपंच और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनके बीच तीखी बहस हुई।
पूर्व सरपंच ने बनवाया था अंडरग्राउंड नाला
मिली जानकारी के अनुसार, यह विवादित नाला गाँव के पूर्व सरपंच द्वारा अंडरग्राउंड (पक्का) बनवाया गया था, ताकि गाँव के पानी की निकासी सही ढंग से हो सके। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की पैमाइश होने के बाद भी वर्तमान सरपंच द्वारा द्वेष भावना के तहत उनके घरों के आगे बनी स्लैब और पुलियों को जबरन तोड़ा जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी रोष है।
ग्रामीणों का पक्ष: “अंडरग्राउंड सीवरेज पाइप की जगह खुला नाला बनाना सरासर गलत”
विवाद के दौरान मीडिया से बात करते हुए स्थानीय महिला प्रदर्शनकारियों और ग्रामीणों ने सरपंच व प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।
महिला ग्रामीण का बयान: > “हम विकास कार्य का विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन काम सही तरीके से होना चाहिए। हम इस मामले को लेकर विधायक (MLA) लाल चंद कटारूचक्क के दफ्तर भी गए थे। विधायक साहब ने 200 लोगों के सामने आश्वासन दिया था कि पहले गंदे पानी के निकास के लिए बने ‘गत्त’ (खेत में पानी का गड्ढा) को पक्का किया जाएगा, उसके बाद सीवरेज पाइप डाली जाएगी। लेकिन सरपंच ने बिना ‘गत्त’ पक्का किए, सिर्फ राजनीतिक रंजिश और लागबाजी के तहत पाइपें उखाड़ दीं और अब घरों के आगे खुला और कच्चा नाला बना रहे हैं ताकि हमारे घरों के आगे गंदगी फैले।”
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि सरपंच गाँव में जातिगत भेदभाव और पार्शियलिटी (पक्षपात) कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी सुनवाई नहीं हुई, तो वे इंसाफ के लिए निहंग सिखों (निहंग जत्थेबंदियों) को बुलाने पर मजबूर होंगे। वहीं, एक अन्य ग्रामीण ने कहा कि महकमा और प्रशासन उनकी निजी जमीन के बीच से जबरन नाला निकाल रहा है और महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया जा रहा है।
सरपंच का पक्ष: “दो साल से विकास कार्य में बाधा डाल रहे हैं कुछ लोग”
दूसरी ओर, वर्तमान सरपंच ने ग्रामीणों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया है। सरपंच का कहना है कि वे केवल सरकारी आदेशों और गाँव के भले के लिए काम कर रहे हैं।
सरपंच का बयान: > “गाँव के गंदे नाले के निकास के लिए सरकार की तरफ से ₹6 लाख की ग्रांट आई है। पूरे गाँव के पानी की निकासी का यह मुख्य जरिया है। लेकिन गाँव के केवल 4-5 घरों के लोग पिछले दो साल से इस काम में रुकावट डाल रहे हैं और विकास कार्य नहीं होने दे रहे। ये लोग गाली-गलौज करते हैं और डंडे लेकर आ जाते हैं। इन्होंने चार बार मेरी जेसीबी मशीन को वापस भेजा है। इसी हंगामे और विरोध के कारण मुझे पुलिस सुरक्षा (Police Protection) की मांग करनी पड़ी ताकि काम पूरा किया जा सके।”

मौके पर तैनात पुलिस और पंचायती अमला
हंगामे की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल गाँव जैनपुर पहुँचा। पंचायत विभाग के अधिकारियों का कहना है कि गाँव के पानी की निकासी की समस्या बहुत गंभीर है और सरकारी हिदायतों के अनुसार ही काम करवाया जा रहा है। कुछ लोग अपने घरों के आगे से नाला निकालने का विरोध कर रहे हैं, जिन्हें समझाने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल गाँव में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बनी हुई है।

- स्थान: गाँव जैनपुर, ब्लॉक नरोट, पठानकोट।
- विवाद का कारण: अंडरग्राउंड नाले को तोड़कर खुला/कच्चा नाला बनाने का विरोध।
- ग्रामीणों की मांग: अंडरग्राउंड सीवरेज पाइप ही डाली जाए, घरों के आगे गंदगी न फैलाई जाए।
- प्रशासन/सरपंच का तर्क: ₹6 लाख की सरकारी ग्रांट से हो रहा है काम, कुछ लोग जानबूझकर डाल रहे हैं बाधा।








