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NHAI का बड़ा डिजिटल अपग्रेड: दिल्ली-एनसीआर के 1205 किमी हाईवे पर लगेगा AI सिस्टम, जाम और हादसों से मिलेगी मुक्ति

दिल्ली-एनसीआर के हाईवे पर अब ‘AI’ का पहरा: नियम तोड़ते ही सीधे मोबाइल पर आएगा चालान

  • NHAI का बड़ा फैसला: दिल्ली-एनसीआर के 1205 किलोमीटर लंबे हाईवे नेटवर्क पर लगेगा एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS)।
  • ऑटोमैटिक ई-चालान: रॉन्ग साइड ड्राइविंग और ओवरस्पीडिंग पर सीधे ई-चालान प्लेटफॉर्म से कटेगा चालान।
  • सोहना में बनेगा कमांड सेंटर: हरियाणा के सोहना में बनेगा रीजनल कमांड सेंटर, जो पूरे कॉरिडोर की करेगा मॉनिटरिंग।

दिल्ली-एनसीआर और उसके आसपास के राष्ट्रीय राजमार्गों (National Highways) पर सफर करने वाले करोड़ों वाहन चालकों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है। अब इन हाईवे पर गाड़ियों की रफ्तार पर नजर रखने, जाम से मुक्ति दिलाने और हादसों को रोकने के लिए ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ (AI) यानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद ली जाएगी।

​भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने घोषणा की है कि वह दिल्ली-एनसीआर के 1,205 किलोमीटर लंबे हाईवे नेटवर्क पर उन्नत यातायात प्रबंधन प्रणाली (Advanced Traffic Management System – ATMS) लगाने जा रहा है।

चौबीसों घंटे लाइव निगरानी, रियल-टाइम स्पीड का दिखेगा अलर्ट

​हाईवे को पूरी तरह सुरक्षित और स्मार्ट बनाने के लिए इस परियोजना के तहत कई आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे। इसके जरिए हाईवे पर चौबीसों घंटे (24×7) ट्रैफिक की लाइव निगरानी होगी। यह सिस्टम सड़क दुर्घटनाओं, गाड़ी खराब होने या यातायात नियमों का उल्लंघन करने (जैसे रॉन्ग साइड ड्राइविंग, ओवरस्पीडिंग) की तुरंत पहचान कर लेगा। इतना ही नहीं, यह सिस्टम चालकों को उनकी गाड़ी की रियल-टाइम स्पीड स्क्रीन पर दिखाकर अलर्ट भी करेगा, ताकि वे गति सीमा के भीतर रहें।

नियम तोड़ते ही कटेगा डिजिटल चालान

​NHAI की इस बड़ी परियोजना को सीधे डिजिटल ई-चालान प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। इसका मतलब यह है कि जैसे ही किसी वाहन ने ट्रैफिक नियम तोड़ा, वैसे ही ऑटोमैटिक चालान कटकर सीधे वाहन मालिक के मोबाइल फोन पर पहुंच जाएगा।

दो चरणों में बंटा है प्रोजेक्ट: > इस प्रोजेक्ट के पहले चरण में 1,205 किमी हाईवे को कवर किया जा रहा है। इनमें से 408 किमी के नए रास्तों पर ATMS के सभी आधुनिक कंपोनेंट एकदम नए सिरे से इंस्टॉल किए जाएंगे, जबकि 797 किमी लंबे हाईवे पर यह सिस्टम पहले से काम कर रहा है, जिसे अब ‘वीडियो इंसिडेंट डिटेक्शन’ (VIDES) तकनीक से अपग्रेड किया जाएगा।

इन प्रमुख हाईवे को मिलेगा डिजिटल अपग्रेड का फायदा

​इस डिजिटल अपग्रेडेशन का सीधा फायदा दिल्ली-एनसीआर और पड़ोसी राज्यों को जोड़ने वाले इन मुख्य मार्गों को मिलेगा:

  • ​दिल्ली-गुरुग्राम-कोटपुतली (NH-48) और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (NE-3)
  • ​दिल्ली-सहारनपुर (NH-709B) और मेरठ-मुजफ्फरनगर (NH-58)
  • ​मेरठ-बुलंदशहर (NH-235) और मेरठ-नजीबाबाद (NH-119)
  • ​इसके अलावा रेवाड़ी, भिवाड़ी, द्वारका एक्सप्रेसवे, बागपत, शामली, पानीपत और फरीदाबाद को जोड़ने वाले कई अन्य नेशनल हाईवे।

सोहना (हरियाणा) में बनेगा मॉनिटरिंग का मुख्य हब

​इस पूरे सिस्टम को सुचारू रूप से संचालित और कंट्रोल करने के लिए स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर बहु-स्तरीय कमांड एवं कंट्रोल सेंटर (CCC) बनाए जाएंगे। दिल्ली-एनसीआर के सोहना (हरियाणा) में एक भव्य रीजनल कमांड सेंटर स्थापित किया जाएगा, जो पूरे कॉरिडोर की मॉनिटरिंग और डेटा मैनेजमेंट का मुख्य हब होगा। इस सिस्टम के आने से न सिर्फ हादसों में कमी आएगी, बल्कि लोगों का सफर भी काफी सुगम और समय बचाने वाला हो जाएगा।

Ami News
Author: Ami News

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