हिमाचल प्रदेश में ऊर्जा क्रांति: 19 पनबिजली परियोजनाओं के लिए समझौता, ₹3,336 करोड़ का होगा निवेश

शिमला: हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य में ऊर्जा क्षेत्र को नई रफ्तार देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने इस साल 19 नई पनबिजली परियोजनाओं (Hydroelectric Projects) को धरातल पर उतारने के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। इन सभी परियोजनाओं की कुल क्षमता 278 मेगावाट होगी, जिससे राज्य में बिजली उत्पादन बढ़ने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। अधिकारियों द्वारा सोमवार को साझा की गई जानकारी के अनुसार, इन परियोजनाओं में लगभग 3,336 करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश होने का अनुमान है।
इन प्रमुख परियोजनाओं पर हुआ समझौता
जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, हस्ताक्षरित की गई 19 परियोजनाओं में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख जलविद्युत परियोजनाएं शामिल हैं। इनमें मुख्य रूप से 24 मेगावाट भरमौर स्टेज-एक, 24 मेगावाट टुंडा स्टेज-दो, 22.5 मेगावाट हरसर स्टेज-दो, 21 मेगावाट भरमौर स्टेज-दो, 19 मेगावाट हरसर स्टेज-तीन, 18 मेगावाट जंगलिक, 18 मेगावाट तोरल कुंडली, 17 मेगावाट डुनाली-एक और दो, 15 मेगावाट रूपिन स्टेज-दो, तथा 15 मेगावाट टुंडन शामिल हैं। इनके अलावा 12 मेगावाट जारी, 11 मेगावाट कलाल खोल, 10 मेगावाट उमली, 10 मेगावाट कोट डोगरी, 9.6 मेगावाट मेलन, 9 मेगावाट सोयल दशाल, 9 मेगावाट ग्रामंग, 8 मेगावाट अपर कुर्मी और 6 मेगावाट खौली-दो पनबिजली परियोजनाएं भी इस समझौते का हिस्सा हैं।

लापरवाही पर कड़ा रुख: 15 परियोजनाओं का आवंटन रद्द
एक तरफ जहां नई परियोजनाओं को हरी झंडी दी गई है, वहीं दूसरी तरफ सरकार ने सुस्ती बरतने वाले डेवलपर्स पर कड़ी कार्रवाई की है। राज्य सरकार ने ऐसी 15 बिजली परियोजनाओं का आवंटन तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया है, जिन्हें आवंटित तो किया गया था लेकिन डेवलपर्स ने उन्हें लागू करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। सरकार इन रद्द की गई परियोजनाओं को ठंडे बस्ते में नहीं डालेगी। इन्हें तेजी से अमलीजामा पहनाने के लिए अब वैश्विक स्तर पर अंतरराष्ट्रीय बोलियां (International Bids) आमंत्रित करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

सीएम सुक्खू ने ऊर्जा विभाग को दी बधाई
इस बड़ी उपलब्धि पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की पीठ थपथपाई है। उन्होंने पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि मौजूदा राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश की विशाल पनबिजली क्षमता का सही और अधिकतम इस्तेमाल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा जताया कि इन परियोजनाओं से राज्य की आर्थिकी को एक नया बल मिलेगा।








