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AMI NEWS: एक देश, एक राशन कार्ड: अब देश की किसी भी दुकान से मिलेगा अनाज, राशन कार्ड धारकों को बड़ी राहत

एक देश, एक राशन कार्ड: अब देश की किसी भी दुकान से मिलेगा अनाज, राशन कार्ड धारकों को बड़ी राहत

ATM की तरह काम करेगी व्यवस्था; लंबी कतारों और बायोमेट्रिक की तकनीकी दिक्कतों से मिलेगी मुक्ति

नई दिल्ली देश के करोड़ों राशन कार्ड धारकों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। सरकार ने सार्वजनिक अनाज वितरण व्यवस्था (PDS) में एक ऐतिहासिक बदलाव करते हुए ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ (ONORC) योजना को पूरी तरह से सुगम बना दिया है। इस नई व्यवस्था के तहत अब लाभार्थियों को अनाज के लिए केवल अपने क्षेत्र की एक ही राशन दुकान पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। पात्र लोग अब अपनी सुविधा के अनुसार देश की किसी भी उचित मूल्य की दुकान (सस्ती गल्ले की दुकान) पर जाकर अपने हिस्से का गेहूं और चावल ले सकेंगे।

​सरकार को उम्मीद है कि इस कदम से राशन दुकानों पर लगने वाली लंबी कतारों, अनाज की कमी और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन से जुड़ी तकनीकी समस्याओं के कारण होने वाली परेशानियों में भारी कमी आएगी।

राशन कार्ड धारकों के लिए क्यों खास है यह व्यवस्था?

  • दुकान चुनने की आज़ादी: अब तक कई लाभार्थियों को बायोमेट्रिक सत्यापन में दिक्कत या स्थानीय दुकान पर अनाज खत्म होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। अब वे किसी भी अधिकृत राशन दुकान पर जा सकते हैं।
  • समय की बचत: अलग-अलग दुकानों का विकल्प मिलने से एक ही जगह पर भीड़ नहीं जुटेगी, जिससे लोगों का कीमती समय बचेगा।
  • भ्रष्टाचार पर लगाम: यदि कोई राशन डीलर अनाज देने में आनाकानी करता है, तो उपभोक्ता तुरंत दूसरी दुकान का रुख कर सकता है।

कैसे काम करती है यह योजना?

​’वन नेशन वन राशन कार्ड’ केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य राशन वितरण प्रणाली को पूरी तरह से ‘पोर्टेबल’ यानी गतिशील बनाना है।

आधार और बायोमेट्रिक से होगा सत्यापन: > इस व्यवस्था के तहत लाभार्थी का राशन कार्ड देश के किसी भी राज्य या जिले में मान्य होगा। दुकान पर जाकर लाभार्थी को केवल अपना आधार ऑथेंटिकेशन (Aadhaar Authentication) और बायोमेट्रिक सत्यापन (अंगूठे या उंगली का निशान) कराना होगा और उन्हें उनके कोटे का राशन मिल जाएगा।

बैंक ATM की तरह काम करेगी यह नई सुविधा

​सरकार ने इस पूरी व्यवस्था को बैंक के ATM नेटवर्क की तर्ज पर तैयार किया है। जिस तरह एक बैंक ग्राहक देश के किसी भी कोने में स्थित किसी भी बैंक के ATM से पैसे निकाल सकता है, ठीक उसी तरह राशन कार्ड धारक भी अब देश के किसी भी हिस्से में स्थित राशन दुकान से अपना अनाज ले सकेंगे। इससे लाभार्थियों का स्थान बदलने पर भी उनकी खाद्य सुरक्षा प्रभावित नहीं होगी।

प्रवासी मजदूरों के लिए संजीवनी साबित होगी योजना

​इस योजना का सबसे बड़ा और सीधा लाभ देश के उन लाखों प्रवासी मजदूरों (Migrant workers) और उनके परिवारों को मिलेगा, जो रोजगार की तलाश में अपने गृह राज्य को छोड़कर दूसरे राज्यों में रहते हैं।

​पहले ऐसे मजदूरों को अपने हिस्से का राशन छोड़ना पड़ता था या उनके परिवार को गृह राज्य में ही निर्भर रहना पड़ता था। लेकिन अब, वे देश के जिस भी कोने में काम कर रहे हैं, वहीं की स्थानीय राशन दुकान से अपने हिस्से का अनाज बेहद आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। सरकार के इस कदम से देश के सबसे जरूरतमंद परिवारों तक समय पर सहायता पहुंचेगी और खाद्य सुरक्षा तंत्र और अधिक मजबूत होगा।

Ami News
Author: Ami News

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