‘कुंभकर्णी नींद’ सोया प्रशासन: पठानकोट शहर में धड़ल्ले से हो रहा अवैध निर्माण
शनि देव मंदिर और एबी कॉलेज रोड के पास नियमों की उड़ रही धज्जियां; एएमआई और की टीम ने किया बड़ा खुलासा

पठानकोट: पठानकोट शहर में इन दिनों प्रशासनिक ढुलमुल रवैये के चलते अवैध निर्माण का कारोबार बड़े पैमाने पर फल-फूल रहा है। शहर के रिहायशी और व्यावसायिक क्षेत्रों में बिना किसी वैध नक्शे और मंजूरी के धड़ल्ले से बहुमंजिला इमारतों का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन स्थानीय प्रशासन ‘कुंभकर्णी नींद’ सोया हुआ है。

बिना नक्शा पास किए खड़ी हो रही हैं इमारतें
ताजा मामला पठानकोट के प्रसिद्ध शनि देव मंदिर के ठीक सामने और एबी कॉलेज रोड से सामने आया है。 यहाँ बिना नगर निगम या संबंधित विभाग से नक्शा पास करवाए अवैध रूप से डबल स्टोरी (दो मंजिला) और विशाल व्यावसायिक इमारतों का निर्माण कार्य धड़ल्ले से जारी है。 जब इस संबंध में जागरूक नागरिकों और मीडिया कर्मियों द्वारा अधिकारियों से जवाब मांगा जाता है, तो वे अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते नजर आते हैं。
अधिकारियों का एक ही रटा-रटाया जवाब होता है कि “यह निर्माण हमारे कार्यकाल से पहले का है और इसकी जानकारी पूर्व अधिकारियों को थी।” लेकिन सवाल यह उठता है कि यदि नक्शा पास ही नहीं हुआ, तो वर्तमान अधिकारी इस पर कार्रवाई करने से क्यों कतरा रहे हैं?

गमलों की आड़ में जमीन कब्जाने का खेल
सड़क किनारे अवैध कब्जों और निर्माण का एक नया तरीका भी सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, पहले सड़क किनारे या खाली जमीनों पर पौधे और गमले रखने के नाम पर जगह को ठेके (लीज़) पर लिया जाता है और फिर धीरे-धीरे उसकी आड़ में पीछे की पूरी जमीन पर अवैध रूप से पक्का निर्माण शुरू कर दिया जाता है। इस प्रकार बिना किसी मंजूरी के बड़े-बड़े शोरूम और दुकानें खड़ी कर ली जाती हैं。

प्रशासनिक मिलीभगत का अंदेशा
शहर के मिशन रोड, एबी कॉलेज रोड और नेशनल हाईवे-154 (डलहौजी रोड) स्थित सिंबल चौक के पास ऐसे कई अवैध निर्माण कार्य देखे जा सकते हैं। बार-बार शिकायतें और खबरें सामने आने के बाद भी अधिकारियों द्वारा आँखें मूंद कर बैठना (मौन रहना) सीधे तौर पर किसी बड़ी प्रशासनिक मिलीभगत की ओर इशारा करता है。








