मुंबई में गहराया जल संकट: झीलों में बचा सिर्फ 40 दिनों का पानी, BMC ने लागू किए कड़े प्रतिबंध
अल-नीनो का असर: कैचमेंट एरिया में सूखा, वॉटर स्टॉक गिरकर 9.33% पर पहुँचा

मुंबई देश की आर्थिक राजधानी मुंबई इस समय एक गंभीर जल संकट (Water Crisis) के मुहाने पर खड़ी है। मॉनसून में देरी और जलग्रहण क्षेत्रों (Catchment Areas) में बारिश न होने के कारण शहर को पानी सप्लाई करने वाली झीलों का जल स्तर चिंताजनक रूप से गिर गया है। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, मुंबई की जीवनरेखा मानी जाने वाली सात झीलों में अब केवल 9.33 प्रतिशत जल भंडार ही बचा है। अधिकारियों का कहना है कि यह स्टॉक शहर की जरूरत के लिए केवल 40 दिनों तक ही चल पाएगा।
पिछले तीन सालों में सबसे निचले स्तर पर जल स्तर
BMC के हाइड्रोलिक विभाग के मुताबिक, मुंबई को पानी देने वाली चार प्रमुख झीलों—अपर वैतरणा, मोदक सागर, तान्सा और मिडिल वैतरणा में स्थिति लगातार बिगड़ रही है। वर्तमान का 9.33% का स्तर पिछले साल की इसी अवधि (12.27%) और साल 2024 के स्तर (10.24%) से भी काफी कम है।
‘डेड स्टॉक’ पर पहुँचा अपर वैतरणा जलाशय > हाइड्रोलिक विभाग ने चेतावनी दी है कि अपर वैतरणा जलाशय पूरी तरह से ‘डेड स्टॉक’ (न्यूनतम जल स्तर) पर पहुँच चुका है। वहीं अन्य जलाशयों की स्थिति भी गंभीर है:
- विहार: 42.11% | मोदक सागर: 29% | तुलसी: 23.06%
- मिडिल वैतरणा: 10.34% | भातसा: 9.24% | तान्सा: 4.71%
अल-नीनो और सूखे कैचमेंट एरिया ने बढ़ाई आफत
इस संकट के पीछे सबसे बड़ी वजह अल-नीनो (El Niño) के कारण मॉनसून का लेट होना है। पिछले साल इस अवधि तक कैचमेंट एरिया में 101 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी थी, लेकिन इस साल इन इलाकों में बिल्कुल भी बारिश नहीं हुई है। वर्तमान में इन क्षेत्रों में कुल वॉटर स्टोरेज घटकर महज 1,44,918 मिलियन क्यूबिक लीटर रह गया है, जबकि मुंबई को प्रतिदिन लगभग 3,950 मिलियन लीटर (MLD) पीने के पानी की आवश्यकता होती है।

संकट से निपटने के लिए BMC के कड़े कदम और पाबंदियां
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए नगर निकाय और जल संसाधन विभाग ने मिलकर सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं:
- 10% की कटौती लागू: मुंबई में 15 मई से ही 10% पानी की कटौती लागू है, जिससे दैनिक आपूर्ति 3,950 MLD से घटाकर 3,650 MLD कर दी गई है।
- कमर्शियल सप्लाई में 20% की कटौती: इंडस्ट्रियल, कमर्शियल और स्पोर्ट्स क्लबों को दी जाने वाली पानी की सप्लाई में 20% की कटौती की गई है।
- कंस्ट्रक्शन साइट्स पर पाबंदी: चल रही सभी कंस्ट्रक्शन साइट्स के पानी के कनेक्शन काट दिए गए हैं और नए निर्माण के लिए पानी के कनेक्शन की मंजूरी पर रोक लगा दी गई है।
- स्विमिंग पूल बंद: शहर के सभी स्विमिंग पूल्स की पानी की आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है।

वैकल्पिक स्रोतों के इस्तेमाल के निर्देश
BMC ने साफ किया है कि पीने के पानी की बर्बादी या गलत इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही जनता और संस्थाओं के लिए नए निर्देश जारी किए गए हैं:
- पब्लिक टॉयलेट और रेस्ट-रूम चलाने वाली संस्थाओं को केवल टैंकर या बोरवेल के पानी का उपयोग करना होगा।
- गाड़ियों को धोने, बगीचों में पानी देने, सड़कों और परिसरों की सफाई के लिए पीने के पानी के बजाय अनिवार्य रूप से कुएं, ट्यूबवेल या बोरवेल के पानी का ही इस्तेमाल करना होगा।
नगर निकाय स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और नागरिकों से पानी की हर एक बूंद को सहेजने और समझदारी से खर्च करने की अपील की है।








