व्यापार मंडल के सीनियर उपाध्यक्ष बने मनमोहन काला, गोपाल धाम गौशाला में हुआ भव्य सम्मान

पठानकोट: सर्कुलर रोड स्थित गोपाल धाम गौशाला में गौ सेवा समिति द्वारा एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष विजय पासी ने की। समारोह में गौशाला सेवा समिति के वरिष्ठ सदस्य और निस्वार्थ गौ सेवक मनमोहन काला को व्यापार मंडल पठानकोट का सीनियर उपाध्यक्ष नियुक्त होने पर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। गोपाल धाम गौशाला की ओर से उन्हें फूल-मालाएं पहनाकर और शॉल भेंट कर इस नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दी गईं।

गौशाला परिवार के लिए गर्व का क्षण: विजय पासी
इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए अध्यक्ष विजय पासी ने कहा कि यह गोपाल धाम गौशाला के लिए बड़े गर्व और हर्ष का विषय है कि हमारे वरिष्ठ सदस्य मनमोहन काला को व्यापार मंडल में इतने महत्वपूर्ण पद से नवाजा गया है। उनकी इसी उपलब्धि को सराहने के लिए आज यह सम्मान समारोह आयोजित किया गया है।
”मनमोहन काला लंबे समय से गायों की सेवा में अपना अतुलनीय योगदान दे रहे हैं। वे न केवल स्वयं निस्वार्थ भाव से इस कार्य में लगे हैं, बल्कि शहर के अन्य कारोबारियों और व्यापारियों को भी इस पुनीत कार्य से जुड़ने के लिए निरंतर प्रेरित कर रहे हैं। व्यापार मंडल में उन्हें यह पद मिलना उनके सामाजिक और धार्मिक समर्पण की ही एक पहचान है।”
– विजय पासी, अध्यक्ष (गौ सेवा समिति)

विजय पासी ने यह भी स्पष्ट किया कि गोपाल धाम गौशाला की यह एक अच्छी परंपरा रही है कि जब भी उनके किसी सदस्य को समाज में किसी उच्च पद पर पदोन्नत किया जाता है, तो उनका इसी प्रकार विशेष सम्मान किया जाता है।
व्यापारियों को गौ सेवा से जोड़ना ही मुख्य लक्ष्य: मनमोहन काला
अपने सम्मान से अभिभूत मनमोहन काला ने गोपाल धाम गौशाला के सभी सदस्यों का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने उपस्थित सदस्यों को विश्वास दिलाते हुए कहा कि वे भविष्य में भी अपनी सभी नई और पुरानी जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करेंगे। साथ ही, गौ सेवा के इस पवित्र कार्य को और आगे बढ़ाने के लिए वे शहर के अन्य व्यापारियों को भी बढ़-चढ़कर अपने साथ जोड़ेंगे।
समारोह में ये रहे उपस्थित: इस गरिमामयी अवसर पर संतोष महाजन, संयोगिता शर्मा, सतीश महाजन, प्रभा महाजन, राजीव महाजन, विमल छाबड़ा और गरीब दास सहित अन्य गणमान्य लोग भी विशेष रूप से उपस्थित थे।








