G7 शिखर सम्मेलन: आज मोदी-ट्रंप के बीच महामुलाकात, आर्थिक सहयोग और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर टिकीं दुनिया की नजरें
फ्रांस के ‘इवियन’ में जुटे विश्व नेता; आउटरीच सत्र के दौरान गर्मजोशी से मिले भारत-अमेरिका के शीर्ष नेता

फ्रांस के खूबसूरत शहर ‘इवियन’ (Évian-les-Bains) में चल रहे 52वें G7 शिखर सम्मेलन के बीच आज वैश्विक राजनीति का सबसे बड़ा केंद्र भारत और अमेरिका की द्विपक्षीय बैठक होने जा रही है। आज यानी बुधवार को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक द्विपक्षीय वार्ता होगी। इस महामुलाकात पर इस समय पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।
इससे पहले, मंगलवार को सम्मेलन के ‘आउटरीच सत्र’ के दौरान दोनों शीर्ष नेताओं के बीच जबरदस्त गर्मजोशी देखी गई। पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप ने मुस्कुराते हुए एक-दूसरे से हाथ मिलाया और बेहद अनौपचारिक लेकिन संक्षिप्त बातचीत भी की, जिसने दोनों देशों के मजबूत होते रिश्तों की एक और बानगी पेश की।

इन बड़े मुद्दों पर होगी रणनीतिक चर्चा
आज होने वाली आधिकारिक बैठक का एजेंडा बेहद व्यापक और रणनीतिक है। सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी:
- आर्थिक विकास और निवेश: दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्तों को एक नई गति देना और निवेश के नए रास्ते तलाशना।
- ग्लोबल सप्लाई चेन: वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Global Supply Chain) को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और मजबूत बनाना।
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI): भविष्य की तकनीकों और एआई के क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी।
- सुरक्षा चुनौतियां: दुनिया के सामने खड़ी कई बड़ी वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों का मिलकर मुकाबला करना।
‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ संकट पर भारत की चिंता, अमेरिका की बड़ी योजना
शिखर सम्मेलन के पहले ही दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया संकट के चलते ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) के रास्ते होने वाले समुद्री व्यापार में आ रही रुकावटों पर गहरी चिंता व्यक्त की थी। पीएम मोदी ने युद्ध के कारण कई निर्दोष भारतीय नागरिकों की जान जाने का मुद्दा भी बेहद मुस्तैदी से उठाया।
वहीं दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप G7 के सहयोगी देशों के साथ मिलकर रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण इस ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को माइन-मुक्त (समुद्री बारूदी सुरंगों से मुक्त) करने की एक बड़ी वैश्विक योजना पर चर्चा कर सकते हैं, ताकि अंतरराष्ट्रीय व्यापार सुचारू रूप से चल सके।

ग्लोबल साउथ की मजबूत आवाज बना भारत
यह वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती साख का ही प्रमाण है कि भारत को 13वीं बार G7 शिखर सम्मेलन में एक ‘विशेष मेहमान देश’ (Guest Country) के रूप में आमंत्रित किया गया है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार 7वीं बार इस प्रतिष्ठित वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी की यह निरंतर भागीदारी न केवल विश्व स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव को दर्शाती है, बल्कि विकासशील देशों यानी ‘ग्लोबल साउथ’ (Global South) की बुलंद आवाज के रूप में भारत की मजबूत भूमिका को भी रेखांकित करती है।








