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AMI NEWS: कार इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट होने की झंझट से कैसे बचें? इन जरूरी बातों का रखें ध्यान

कार इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट होने की झंझट से बचें: इन छोटी मगर जरूरी बातों का रखें ध्यान

​आज के दौर में कार खरीदना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी उसका इंश्योरेंस कराना भी है। लेकिन अक्सर देखा गया है कि दुर्घटना के समय लोग इंश्योरेंस क्लेम (बीमा दावा) के लिए अप्लाई तो करते हैं, पर छोटी-छोटी गलतियों की वजह से कंपनी क्लेम रिजेक्ट कर देती है। इससे गाड़ी मालिक को न सिर्फ मानसिक परेशानी होती है, बल्कि भारी आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ता है।

​विशेषज्ञों के अनुसार, कार इंश्योरेंस क्लेम का खारिज होना कोई असामान्य बात नहीं है, लेकिन थोड़ी सी सावधानी और सही जानकारी से इससे आसानी से बचा जा सकता है। आइए जानते हैं कि क्लेम रिजेक्शन से बचने के लिए आपको किन बातों का खास ख्याल रखना चाहिए:

ownership (स्वामित्व) ट्रांसफर में न करें लापरवाही

​यदि आपने कोई सेकेंड हैंड (पुरानी) गाड़ी खरीदी है, तो केवल गाड़ी का रजिस्ट्रेशन (RC) अपने नाम करवाना काफी नहीं है। आपको इंश्योरेंस पॉलिसी भी पुराने मालिक के नाम से अपने नाम पर ट्रांसफर करवानी होगी। नियम के मुताबिक, इंश्योरेंस पॉलिसी हमेशा वाहन के पंजीकृत मालिक के नाम पर ही होनी चाहिए। यदि दोनों नामों में अंतर पाया जाता है, तो कंपनी क्लेम देने से साफ इनकार कर सकती है।

गाड़ी में बदलाव की जानकारी न छुपाएं

​वाहन में किसी भी तरह का महत्वपूर्ण मॉडिफिकेशन (बदलाव) करवाने के बाद इसकी सूचना तुरंत अपनी इंश्योरेंस कंपनी को दें और पॉलिसी को अपडेट करवाएं। अगर कंपनी को इस बदलाव की जानकारी नहीं होगी, तो वे क्लेम खारिज कर सकते हैं।

क्लेम पास कराने के 5 अचूक उपाय

    • 1. हादसे के बाद तुरंत दें सूचना: दुर्घटना होते ही सबसे पहले अपनी और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। इसके तुरंत बाद बिना देर किए इंश्योरेंस कंपनी को फोन पर हादसे की जानकारी दें। सूचना देने में जितनी देरी होगी, क्लेम मिलने में उतनी ही अड़चनें आएंगी।
    • 2. नेटवर्क गैरेज को ही प्राथमिकता दें: बीमा कंपनियों के अधिकृत (Authorized) गैरेज की एक सूची होती है, जिन्हें ‘नेटवर्क गैरेज’ कहा जाता है। यहाँ गाड़ी ठीक करवाने पर ‘कैशलेस’ सुविधा मिलती है, यानी आपको अपनी जेब से पैसे नहीं देने पड़ते और काम भी कंपनी की निगरानी में होता है। किसी गैर-नेटवर्क गैरेज में जाने से पहले कंपनी की सहमति जरूर लें।
    • 3. पुलिस रिपोर्ट (FIR) है बेहद जरूरी: यदि हादसा बड़ा है, किसी तीसरे पक्ष (Third Party) को नुकसान पहुँचा है या गाड़ी चोरी हुई है, तो तुरंत पुलिस रिपोर्ट दर्ज कराएं। बिना पुलिस रिपोर्ट के ऐसे मामलों में क्लेम रिजेक्ट होने की संभावना सबसे ज्यादा होती है। यह रिपोर्ट हादसे की परिस्थितियों का सबसे बड़ा कानूनी सबूत होती है।
    • 4. सही और पूरे दस्तावेज जमा करें: क्लेम फॉर्म भरते समय कोई भी जानकारी गलत या अधूरी न छोड़ें। विशेषकर जिन लोगों ने ‘ज़ीरो डेप्रिसिएशन’ (Zero Depreciation) कार इंश्योरेंस ले रखा है, उन्हें मरम्मत के सभी ओरिजिनल बिल और कागजात बहुत संभालकर और सही तरीके से जमा करने चाहिए, क्योंकि पूरी राशि की भरपाई सटीक दस्तावेजों के आधार पर ही होती है।

निष्कर्ष

इंश्योरेंस का असली मकसद ही मुसीबत के समय आपको आर्थिक सुरक्षा और मानसिक शांति देना है। इसलिए पॉलिसी की शर्तों को ध्यान से समझें, दुर्घटना के समय हड़बड़ाने के बजाय समय पर कंपनी को सूचित करें और अपने कागजात दुरुस्त रखें। आपकी थोड़ी सी सतर्कता आपके क्लेम को पूरी तरह सुरक्षित रख सकती है।

Ami News
Author: Ami News

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