पासपोर्ट बनवाना हुआ आसान: डिजिलॉकर पर दस्तावेज अपलोड करने से प्रक्रिया में आएगी तेजी
क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी यशपाल की नागरिकों को सलाह; सरनेम (उपनाम) दर्ज कराने और एजेंटों से सावधान रहने की भी अपील।

विदेश मंत्रालय ने नए पासपोर्ट के लिए आवेदन करने वाले नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण सलाह जारी की है। क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी यशपाल ने जानकारी देते हुए बताया कि आवेदक अपने महत्वपूर्ण दस्तावेजों को ‘डिजिलॉकर’ (DigiLocker) में अपलोड करें, ताकि पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया को और अधिक तेज, सुगम और पारदर्शी बनाया जा सके।
डिजिलॉकर से स्वतः होगा सत्यापन
पासपोर्ट अधिकारी के मुताबिक, ऑनलाइन पासपोर्ट आवेदन भरते समय आवेदकों को डिजिलॉकर से संबंधित कॉलम को अनिवार्य रूप से भरना चाहिए। आवेदकों को सलाह दी गई है कि वे अपने निम्नलिखित दस्तावेज डिजिलॉकर में जरूर लिंक करें:
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- आधार कार्ड
- मतदाता पहचान पत्र (वोटर आई.डी.)
- पैन कार्ड (PAN Card)
फायदा: इन दस्तावेजों को लिंक करने से पासपोर्ट सेवा पोर्टल के माध्यम से कागजातों का डिजिटल सत्यापन (Verification) स्वतः और बेहद तेजी से हो जाता है।
प्रवासियों और विदेश से लौटने वालों को बड़ी राहत
यशपाल ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति विदेश से भारत आया है और उसके आवश्यक दस्तावेज डिजिलॉकर में उपलब्ध हैं, तो उसे फिजिकल डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन (दस्तावेज सत्यापन) के दौरान किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। ऑनलाइन प्रणाली सीधे डिजिलॉकर से दस्तावेजों को सत्यापित कर लेती है, जिससे पूरी प्रक्रिया सुविधाजनक हो जाती है।

पासपोर्ट में ‘सरनेम’ (उपनाम) डालना क्यों है जरूरी?
अक्सर लोग आवेदन के समय सरनेम वाले कॉलम को छोड़ देते हैं। इस पर स्पष्टीकरण देते हुए अधिकारी ने बताया:
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- ऑनलाइन आवेदन में सरनेम भरने का कॉलम वैकल्पिक (Optional) होता है।
- हालांकि, दुनिया के कई देशों के दूतावास (Embassies) और वीजा जारी करने वाली एजेंसियां पासपोर्ट पर सरनेम का होना अनिवार्य मानती हैं।
- यदि आवेदक अपने पासपोर्ट में सरनेम दर्ज करवाते हैं, तो भविष्य में अंतरराष्ट्रीय यात्रा और वीजा आवेदन के समय किसी भी तरह की रुकावट या कठिनाई नहीं आएगी।
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फर्जी एजेंटों से रहें सावधान, सीधे कार्यालय से करें संपर्क
क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी ने नागरिकों को धोखेबाजों से बचने की सख्त हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि पासपोर्ट संबंधी किसी भी समस्या, जानकारी या शिकायत के लिए आवेदक किसी बिचौलिए के पास जाने के बजाय सीधे पासपोर्ट कार्यालय से संपर्क करें। कई बार कुछ अनधिकृत एजेंट लोगों को गलत जानकारी देकर गुमराह कर देते हैं, जिससे आवेदकों को न केवल मानसिक परेशानी होती है, बल्कि भारी आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है।








