अमृतसर में शर्मनाक: ड्रग सर्वे करने गई महिला शिक्षिका से छेड़छाड़, बाथरूम में छिपकर बचाई जान
गुमटाला इलाके की घटना: आरोपी ने जबरन घर का दरवाजा बंद कर छीना था मोबाइल, मामला दर्ज

अमृतसर: पंजाब के अमृतसर से कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाने वाला एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है। यहाँ राज्य सरकार के ड्रग सेंसस (नशा सर्वे) अभियान के तहत घर-घर जाकर डेटा जुटा रही एक सरकारी महिला अध्यापिका के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ की गई। यह सनसनीखेज वारदात गुमटाला इलाके की है। हालांकि, पीड़िता ने गजब की सूझबूझ और बहादुरी दिखाते हुए खुद को एक बाथरूम में बंद कर लिया और अपनी जान व आबरू बचाने में सफल रही।
दरवाजा बंद कर छीन लिया फोन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पंजाब सरकार द्वारा इन दिनों राज्य में नशा सर्वे अभियान चलाया जा रहा है। इसमें अध्यापकों, आंगनबाड़ी वर्करों और अन्य महिला कर्मचारियों की ड्यूटियां लगाई गई हैं। इसी अभियान के तहत एक महिला शिक्षिका गुमटाला क्षेत्र में सर्वे करने पहुंची थी। बताया जा रहा है कि शिक्षिका ने जैसे ही एक घर का दरवाजा खटखटाया, अंदर से आवाज आई कि दरवाजा खुला है, अंदर आ जाओ। शिक्षिका जैसे ही सर्वे फॉर्म लेकर घर के भीतर दाखिल हुई, अंदर मौजूद आरोपी ने तुरंत मुख्य दरवाजे की कुंडी लगा दी। इससे पहले कि पीड़िता कुछ समझ पाती, आरोपी ने उसका मोबाइल फोन छीन लिया और उसके साथ जबरदस्ती व छेड़छाड़ शुरू कर दी।

पर्स में रखे दूसरे मोबाइल ने बचाई जान
बहादुरी की मिसाल: आरोपी के चंगुल में फंसी शिक्षिका ने हिम्मत नहीं हारी। उसने पूरी ताकत से आरोपी का विरोध किया और किसी तरह खुद को छुड़ाकर घर के भीतर बने बाथरूम की तरफ भागी और अंदर से कुंडी लगा ली। पीड़िता के पर्स में एक दूसरा मोबाइल फोन भी था, जो आरोपी की नजरों से बच गया था। बाथरूम में छिपकर पीड़िता ने तुरंत उस दूसरे फोन से अपने परिचितों, शिक्षक संघ के नेताओं और संबंधित उच्च अधिकारियों को घटना की जानकारी दी।

पुलिस और विभाग में हड़कंप, आरोपी पर शिकंजा
दिनदहाड़े सरकारी ड्यूटी पर तैनात महिला कर्मचारी के साथ हुई इस वारदात की सूचना मिलते ही शिक्षा विभाग और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। भारी पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा और पीड़िता को सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़िता के बयानों के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच शुरू कर दी गई है।
शिक्षक संगठनों में भारी रोष, सुरक्षा की मांग
इस घटना के बाद से सरकारी कर्मचारियों, विशेषकर महिला शिक्षिकाओं में भारी डर और रोष का माहौल है। शिक्षक संगठनों ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। संगठनों का कहना है कि संवेदनशील सर्वे अभियानों में महिला कर्मचारियों को अकेले फील्ड में भेजना उनकी सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने मांग की है कि:
- फील्ड ड्यूटी के दौरान महिला कर्मचारियों को उचित सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
- आरोपी के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर सख्त से सख्त सजा दी जाए।








