नशेड़ी’ के बयानों को गंभीरता से न लें: पूर्व उपाध्यक्ष नीरज भारती के आरोपों पर CM सुक्खू का पलटवार

शिमला: हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व उपाध्यक्ष नीरज भारती द्वारा अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने के बाद राज्य में सियासी पारा चढ़ गया है। इस पूरे विवाद पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविवार को कड़ा रुख अपनाते हुए नीरज भारती पर तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक “नशेड़ी” व्यक्ति के बयानों को गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए।

क्या है पूरा मामला?
बता दें कि राज्य के कृषि मंत्री चंद्र कुमार के पुत्र और कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष नीरज भारती ने पिछले दिनों सरकार की कार्यशैली और प्रशासनिक कामकाज पर असंतोष जताते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफे के बाद से ही भारती लगातार सुक्खू सरकार को घेर रहे हैं। उन्होंने सरकार पर ठेकेदारों के भुगतान में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं (गड़बड़ी) बरतने सहित कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
मुख्यमंत्री ने खारिज किए आरोप
रविवार को शिमला में पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब मुख्यमंत्री सुक्खू से नीरज भारती के आरोपों को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने इसे सिरे से खारिज कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा:
“कोई मसला नहीं है, नशेड़ी आदमी अगर कभी कोई बयान दे, तो उस पर मसला क्या है? उनके बयान को गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए।”

पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित, पिता ने भी झाड़ा पल्ला
इस बीच, अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों को देखते हुए प्रदेश कांग्रेस ने नीरज भारती पर बड़ी कार्रवाई की है। भारती को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।
दिलचस्प बात यह है कि नीरज भारती के पिता और सुक्खू सरकार में कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने भी अपने बेटे के बयानों से पूरी तरह पल्ला झाड़ लिया है। मंत्री चंद्र कुमार ने स्पष्ट किया कि वह अपने बेटे द्वारा लगाए गए दावों से बिल्कुल असहमत हैं। उन्होंने इसे घोर अनुशासनहीनता करार देते हुए कहा कि ऐसे बयानों से पार्टी और सरकार दोनों की छवि को नुकसान पहुंचता है।








