एचआरटीसी पेंशनर्स को बड़ी राहत: अब हर महीने 7 से 10 तारीख के बीच मिलेगी पेंशन
मुख्यमंत्री सुक्खू ने ज्वाइंट एक्शन कमेटी के साथ बैठक में लिया फैसला; राज्य सरकार हर माह देगी 23 करोड़ की ग्रांट

शिमला: एचआरटीसी (HRTC) के हजारों पेंशनर्स के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। अब पेंशनर्स को अपनी पेंशन के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने घोषणा की है कि एचआरटीसी पेंशनर्स को हर महीने की 7 से 10 तारीख के बीच समयबद्ध तरीके से पेंशन का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार हर माह 23 करोड़ रुपए की विशेष ग्रांट उपलब्ध करवाएगी।
रविवार को शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ एचआरटीसी पेंशनर्ज ज्वाइंट एक्शन कमेटी के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने बैठक की। बैठक में पेंशनर्स की विभिन्न मांगों और समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पेंशन सेवानिवृत्त कर्मचारियों का वैधानिक (कानूनी) अधिकार है और इसमें किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पेंशनर्स बोले- “पिछली सरकार में 3-3 महीने करना पड़ता था इंतजार”
बैठक के दौरान ज्वाइंट एक्शन कमेटी के सदस्यों ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि समय पर पेंशन मिलने से उनकी वित्तीय परेशानियां काफी हद तक कम हो जाएंगी। पेंशनर्स ने बताया कि पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में उन्हें पेंशन के लिए दो से तीन महीने तक का लंबा इंतजार करना पड़ता था, जिससे बुजुर्गों को घर चलाने और दवाइयों आदि के लिए भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
इन दिग्गजों की मौजूदगी में हुआ फैसला
इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रधान सचिव देवेश कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव आशीष सिंहमार, एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक डा. निपुण जिंदल, और ज्वाइंट एक्शन कमेटी के सचिव राजेंद्र ठाकुर, देवराज ठाकुर, बृज लाल ठाकुर सहित अन्य प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे।

अक्टूबर 2025 के बाद रिटायर हुए कर्मियों को तुरंत मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने एचआरटीसी प्रबंधन को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि अक्टूबर 2025 के बाद सेवानिवृत्त (Retired) हुए उन सभी कर्मचारियों को शीघ्र पेंशन लाभ प्रदान किए जाएं, जिनकी पेंशन तकनीकी या अन्य कारणों से अभी तक शुरू नहीं हो पाई है। उन्होंने प्रबंधन को इस संबंध में तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।
मेडिकल बिलों के लिए 20 करोड़ रुपए जारी
पेंशन के अलावा मुख्यमंत्री ने एचआरटीसी के लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति (Medical Reimbursement) दावों के निपटारे के लिए 20 करोड़ रुपए की राशि तुरंत जारी करने की घोषणा की है। इससे उन बुजुर्गों को बड़ी राहत मिलेगी जिनके मेडिकल बिल लंबे समय से विभाग में अटके हुए थे।

एक नजर में: एचआरटीसी का सालाना बजट गणित
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एचआरटीसी की वित्तीय स्थिति का ब्यौरा देते हुए बताया कि निगम को प्रतिवर्ष लगभग 1,500 करोड़ रुपए प्राप्त होते हैं:
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आय का स्रोत |
सालाना राशि |
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निगम की अपनी आय (HRTC Own Income) |
लगभग ₹800 करोड़ |
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राज्य सरकार से ग्रांट (State Govt Grant) |
लगभग ₹720 करोड़ |
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कुल सालाना बजट (Total Budget) |
लगभग ₹1,500 करोड़ |








