हिमाचल के राज्यपाल कविंदर गुप्ता का बड़ा बयान: ‘चिनाब-ब्यास सुरंग से रुकेगा पाकिस्तान का पानी, देश की जरूरतें पहली प्राथमिकता’

- चिनाब-ब्यास सुरंग परियोजना को बताया अत्यंत महत्वपूर्ण, अधिशेष पानी ब्यास बेसिन में किया जाएगा डाइवर्ट।
- पाकिस्तान को सबक सिखाना जरूरी, आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देश को नहीं मिलेगा हक का पानी।
- राज्यपाल ने राज्य में ‘स्व-गणना अभियान’ (डिजिटल जनगणना) में भाग लेकर नागरिकों से की सहयोग की अपील।
विशेष ब्यूरो, शिमला।
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने सोमवार को एक बड़ा और कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि महत्वाकांक्षी ‘चिनाब-ब्यास सुरंग परियोजना’ देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस परियोजना के निर्माण से चिनाब नदी का अधिशेष (सरप्लस) पानी एक विशेष सुरंग के माध्यम से ब्यास बेसिन में मोड़ा जाएगा, जिससे पाकिस्तान को जाने वाली पानी की आपूर्ति पूरी तरह बंद हो जाएगी।
राज्य में शुरू हुए डिजिटल जनगणना अभियान में भाग लेने के बाद मीडिया से बात करते हुए राज्यपाल ने पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा, “पाकिस्तान लगातार आतंकवाद को बढ़ावा देता है और उसे सबक सिखाना बेहद जरूरी है।”

अतीत की गलतियों को सुधारने का वक्त
राज्यपाल गुप्ता ने इस जल परियोजना को रणनीतिक रूप से आवश्यक बताते हुए कहा कि यह पहल अतीत में हुई गलतियों को सुधारने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने साफ किया कि सरकार की शीर्ष प्राथमिकता अपने देश के राज्यों की जरूरतों को पूरा करना है। इस परियोजना से पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड को सीधा लाभ पहुंचेगा और इन राज्यों की पानी की किल्लत दूर होगी।
डिजिटल जनगणना: 1 से 15 जून तक खुद भर सकेंगे विवरण
इससे पहले, राज्यपाल ने हिमाचल प्रदेश में 1 जून से शुरू हुए जनगणना के ‘स्व-गणना अभियान’ (Self-Enumeration Campaign) में हिस्सा लिया। उन्होंने प्रदेश के सभी नागरिकों से इस राष्ट्रीय अभियान में बढ़-चढ़कर सहयोग करने और अपनी सही जानकारी दर्ज कराने का आग्रह किया।
“जनगणना के आंकड़े सिर्फ संख्या नहीं हैं। यह डेटा सरकार को गरीबी उन्मूलन, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा और बुनियादी ढांचे (अवसंरचना विकास) से जुड़ी सटीक योजनाएं तैयार करने में मदद करेगा।” > — कविंदर गुप्ता, राज्यपाल (हिमाचल प्रदेश)

कैसे करें आवेदन?
हिमाचल प्रदेश के आम नागरिक 1 जून से 15 जून तक आधिकारिक वेब पोर्टल या मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से स्वयं (Self-Enumeration) अपनी जनगणना कर सकते हैं। इस निर्धारित अवधि के दौरान नागरिकों को अपने परिवार के सभी सदस्यों का पूरा और सटीक विवरण डिजिटल रूप से खुद भरना होगा। प्रशासन ने इसे पारदर्शी और सुगम नीति निर्धारण के लिए एक क्रांतिकारी कदम बताया है।








