पठानकोट: हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प, जमकर चले लाठी-डंडे और हथियार; सीसीटीवी में कैद हुई वारदात
चुनावी रंजिश या आपसी विवाद? दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लगाए गंभीर आरोप, पुलिस जांच में जुटी

पठानकोट:पठानकोट की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में दो पक्षों के बीच हुआ मामूली विवाद एक हिंसक झड़प में तब्दील हो गया। इस खूनी संघर्ष में दोनों पक्षों की ओर से जमकर लाठी-डंडे और हथियारों का इस्तेमाल किया गया, जिसमें कुछ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा। फिलहाल दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। पूरी घटना का एक सीसीटीवी (CCTV) फुटेज भी सामने आया है, जिसमें एक युवक ईंट फेंकता हुआ दिखाई दे रहा है।

पहला पक्ष: ‘घर में घुसकर किया हमला, पति और ससुर घायल’
घटना के बाद अस्पताल पहुंचे पहले पक्ष के लोगों ने आरोप लगाया कि उनके ही मोहल्ले के कुछ युवकों ने पुरानी रंजिश के तहत उनके घर पर हमला बोला।
- मनीषा का आरोप: पीड़ित महिला मनीषा ने बताया कि वार्ड नंबर 25 के दो युवक अचानक हथियारों से लैस होकर उनके घर में घुस आए। वहां मौजूद युवकों पर जानलेवा हमला कर दिया गया। मनीषा का दावा है कि इस हमले में उनके पति और ससुर गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
- दुकानदार से भी मारपीट: स्थानीय दुकानदार कोमल किशन ने आरोप लगाया कि सुबह करीब 6 बजे उन्हें एक धमकी भरा फोन आया। फोन करने वाले ने गाली-गलौज का झूठा आरोप लगाते हुए 5 मिनट में भुगतने की धमकी दी। इसके कुछ ही देर बाद आरोपियों ने दुकान पर पहुंचकर उनके साथ भी मारपीट की।

दूसरा पक्ष: ‘चुनाव में बाहरी युवक बुलाकर दी गई धमकियां’
वहीं दूसरी ओर, दूसरे पक्ष ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश बताया है।
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- राकेश कुमार का दावा: दूसरे पक्ष के राकेश कुमार ने आरोप लगाया कि नगर निगम चुनाव के दौरान भी विपक्षी पक्ष ने माहौल खराब करने के लिए बाहरी लोगों को बुलाया था। करीब 5-7 दिन पहले भी उनके साथ हाथापाई की कोशिश की गई थी। राकेश का दावा है कि उनके पिता पर ‘दातर’ (तेजधार हथियार) से हमला किया गया, जिससे इलाके में डर का माहौल है।
- ममता शर्मा का बयान (AAP प्रत्याशी): वार्ड नंबर 25 से आम आदमी पार्टी (AAP) की ओर से नगर निगम चुनाव लड़ चुकीं ममता शर्मा (पत्नी नरेंद्र शर्मा) ने कहा कि मामले को बेवजह तूल दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वह अपने परिवार के साथ माता चामुंडा देवी के दर्शन करने गई थीं। सुबह उनके बेटे निखिल को फोन कर चुनावी हार को लेकर उकसाया गया और धमकियां दी गईं, जिसके बाद यह विवाद बढ़ा। उनके मुताबिक, चुनाव के दौरान भी उनके वोट प्रभावित करने की कोशिश की गई थी।
पुलिस का बयान:
”दोनों पक्षों की ओर से लिखित शिकायतें प्राप्त हुई हैं। घायलों का मेडिकल कराया जा रहा है। सीसीटीवी फुटेज और फोन कॉल्स के रिकॉर्ड को खंगाला जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।” – स्थानीय पुलिस प्रशासन








