पठानकोट: भारी बारिश के कारण ढही घर की छत, बच्चों को बचाने में मां सहित दंपती घायल
- हादसा: गांधी नगर स्थित अमरूदों वाली झुग्गियों के पास शनिवार सुबह हुआ हादसा।
- बचाव: मां ने मलबे से बच्चों को बचाने के लिए खुद को ढाल बनाया, खुद हुई गंभीर रूप से घायल।
- आक्रोश: पीड़ित परिवार लंबे समय से जर्जर मकान में रहने को था मजबूर, प्रशासन ने नहीं सुनी थी गुहार।

पठानकोट: शनिवार सुबह हुई तेज मूसलाधार बारिश के चलते गांधी नगर स्थित अमरूदों वाली झुग्गियों के पास एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ एक मकान की जर्जर छत अचानक भरभरा कर गिर गई। इस हादसे में घर के भीतर मौजूद एक दंपती गंभीर रूप से घायल हो गया।
चश्मदीदों के मुताबिक, जब छत का लेंटर और मलबा गिरना शुरू हुआ, तो घर में मौजूद महिला ने ममता की मिसाल पेश करते हुए अपने दोनों बच्चों को बचाने के लिए उन्हें अपने शरीर से ढक लिया। बच्चों को तो खरोंच तक नहीं आई, लेकिन महिला खुद मलबे की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे में पति-पत्नी दोनों के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं।
स्थानीय लोगों ने तुरंत शुरू किया राहत कार्य
स्थानीय निवासी राजेश कुमार, अजय और अमन ने बताया कि पीड़ित रमन मेहरा की छत लंबे समय से जर्जर हालत में थी। शनिवार सुबह हुई तेज बारिश के दबाव को छत सह नहीं सकी और पूरा लेंटर ढह गया। धमाके की आवाज सुनते ही आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और बिना वक्त गंवाए राहत कार्य शुरू किया। लोगों ने मलबे में दबे परिवार को सुरक्षित बाहर निकाला और इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है।

प्रशासन से आर्थिक मदद की गुहार; पहले भी दी थी चेतावनी
पीडि़त रमन मेहरा और शिवानी मेहरा ने अस्पताल से अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि वे लंबे समय से बेहद दयनीय और खराब हालातों में रहने को मजबूर थे। उन्होंने कई बार स्थानीय प्रशासन से मकान की मरम्मत और मदद की गुहार लगाई थी, लेकिन उनकी समस्याओं को हर बार अनदेखा कर दिया गया।
”अगर प्रशासन ने समय रहते हमारी सुध ली होती, तो आज यह नौबत नहीं आती और हमारा हंसता-खेलता परिवार इस हाल में न होता।”
— पीड़ित परिवार

इस हादसे के बाद स्थानीय निवासियों में प्रशासन के रवैये को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों ने मांग की है कि प्रभावित परिवारों को तुरंत उचित आर्थिक सहायता प्रदान की जाए और झुग्गियों की मरम्मत या उनके लिए सुरक्षित आवास (पक्के मकान) की व्यवस्था की जाए।
प्रशासन ने शुरू किया नुकसान का आकलन
हादसे की सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक टीम ने स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों के मुताबिक, घटना में हुए नुकसान का आकलन (Assessment) शुरू कर दिया गया है। प्रशासन ने पीड़ितों को हर संभव मदद और उचित मुआवजा देने का आश्वासन दिया है। वहीं, स्थानीय निवासियों को उम्मीद है कि इस गंभीर हादसे के बाद प्रशासन गहरी नींद से जागेगा और उनकी समस्याओं का कोई ठोस व स्थाई समाधान निकालेगा।








