देर रात तक जागना, जंक फूड और मोबाइल की लत बना रही बीमार; बांझपन और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा

कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित जीएसवीएम (GSVM) मेडिकल कॉलेज और एलएलआर (LLR) अस्पताल से महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर एक बेहद चौंकाने वाली और चिंताजनक रिपोर्ट सामने आई है। अस्पताल की ओपीडी (OPD) और हालिया रिसर्च के दौरान यह देखा गया कि बड़ी संख्या में महिलाओं और कम उम्र की युवा लड़कियों में पुरुष हार्मोन—टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) का स्तर तेजी से बढ़ रहा है। चिकित्सा विज्ञान की भाषा में इस गंभीर स्थिति को ‘हाइपरएंड्रोजेनिज्म’ (Hyperandrogenism) कहा जाता है। डॉक्टरों के अनुसार इसके पीछे सबसे बड़ी वजह महिलाओं की खराब लाइफस्टाइल और मानसिक तनाव है।
क्यों बिगड़ रहा है हार्मोन का संतुलन?
अस्पताल के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सीमा द्विवेदी ने बताया कि आधुनिक जीवनशैली महिलाओं के शरीर को अंदर से बीमार कर रही है। इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
- स्लीप साइकिल खराब होना: देर रात तक जागना और सुबह देर से उठना।
- स्क्रीन टाइम का बढ़ना: घंटों मोबाइल, टीवी और लैपटॉप की स्क्रीन पर समय बिताना।
- गलत खानपान: पिज्जा, बर्गर जैसे जंक फूड का अत्यधिक सेवन और केमिकल्सयुक्त खानपान।
- शारीरिक निष्क्रियता: शारीरिक मेहनत या व्यायाम (Physical Activity) बिल्कुल न करना और लगातार मानसिक तनाव में रहना।
PCOS से अब PMOS की तरफ बढ़ती बीमारी
डॉ. सीमा द्विवेदी के अनुसार: “पहले इस तरह की बीमारी को केवल पीसीओएस (PCOS) कहा जाता था लेकिन अब इसके बदलते और आक्रामक रूप को देखते हुए डॉक्टर इसे PMOS यानी ‘पॉलीएंडोक्राइन मेटाबोलिक ओवेरियन सिंड्रोम’ के रूप में चिन्हित कर रहे हैं।”

लक्षण और गंभीर परिणाम: बांझपन का खतरा बढ़ा
हार्मोन असंतुलन का सबसे बुरा असर महिलाओं के गर्भाशय पर पड़ता है जिससे अंडों (Eggs) के बनने की प्राकृतिक प्रक्रिया पूरी तरह प्रभावित हो जाती है। इसके मुख्य लक्षण और परिणाम इस प्रकार हैं:
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प्रभावित क्षेत्र |
दिखने वाले लक्षण / समस्याएं |
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शारीरिक बदलाव |
चेहरे और शरीर पर अनचाहे सख्त बाल उगने (Hirsutism), सिर के बाल झड़ने और चेहरे पर गंभीर मुंहासे (Acne)। |
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माहवारी |
पीरियड्स (माहवारी) का अनियमित होना। |
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प्रजनन क्षमता |
गर्भधारण (Pregnancy) करने में भारी परेशानी, जो आगे चलकर बांझपन (Infertility) की मुख्य वजह बन रही है।
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इन जानलेवा बीमारियों का भी है बड़ा खतरा
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि शरीर में पुरुष हार्मोन बढ़ने से बात सिर्फ पीरियड्स तक नहीं रुकती। इसके कारण शरीर में एस्ट्रोजन और इंसुलिन का लेवल भी अनियंत्रित हो जाता है जो आगे चलकर निम्नलिखित बीमारियों को न्यौता देता है:
- टाइप-2 डायबिटीज (Diabetes) और अचानक तेजी से वजन बढ़ना (मोटापा)।
- बच्चेदानी (Uterus) का कैंसर।
- ब्रेस्ट (स्तन) कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियां।
बचाव का तरीका: दवाइयां नहीं, दिनचर्या में सुधार है अचूक उपाय
मेडिकल एक्सपर्ट्स का साफ कहना है कि इस बीमारी को सिर्फ गोलियां या दवाइयां खाकर जड़ से खत्म नहीं किया जा सकता। इससे बचने का एकमात्र और सबसे अचूक उपाय अपनी दिनचर्या को सुधारना है। डॉक्टरों ने निम्नलिखित सलाह दी है:
- समय पर सोएं: रात में समय पर सोने और सुबह जल्दी उठने की आदत डालें।
- गैजेट्स से दूरी: सोने से पहले और दिनभर में गैजेट्स का इस्तेमाल कम करें।
- योग और व्यायाम: रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम या योग जरूर करें।
- शुद्ध आहार: संतुलित व घर का बना भोजन अपनाएं, जंक फूड को ‘नो’ कहें।
- तनाव मुक्त रहें: खुद को मानसिक तनाव से दूर रखने के लिए मेडिटेशन का सहारा लें।
नोट: अगर समय रहते आदतें बदल ली जाएं तो इस बड़े और जानलेवा खतरे को आसानी से टाला जा सकता है।








