वेब स्टोरी

ई-पेपर

लॉग इन करें

बठिंडा में बुलेट बनाम बैलेट: मतदान से पहले वार्ड-3 में अंधाधुंध फायरिंग, पैसे बांटने के आरोप पर बवाल

बठिंडा में मतदान से पहले बवाल: वार्ड नंबर 3 में तड़के फायरिंग, दहशत का माहौल

  • सुबह करीब 5 बजे हुई फायरिंग, इलाके में अफरा-तफरी।
  • आजाद उम्मीदवार का आरोप- सत्ताधारी दल के लोग बांट रहे थे पैसे, विरोध करने पर चलाई गोलियां।
  • विधायक जगरूप सिंह गिल मौके पर पहुंचे, एसएसपी से सख्त कार्रवाई की मांग की।
  • आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर समर्थकों और स्थानीय लोगों ने लगाया धरना।

 

 बठिंडा:बठिंडा के वार्ड नंबर 3 में मतदान शुरू होने से ठीक पहले उस समय भारी तनाव पैदा हो गया, जब सुबह करीब 5 बजे अचानक फायरिंग की आवाज से पूरा इलाका दहल उठा। इस घटना के बाद क्षेत्र में दहशत फैल गई। आजाद उम्मीदवार ने सत्ताधारी पार्टी से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं पर वोट खरीदने के लिए पैसे बांटने और विरोध करने पर जानलेवा हमला करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना के बाद से ही पूरे इलाके में माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है।

पैसे बांटने का विरोध करने पर हुआ हमला

​मिली जानकारी के अनुसार, वार्ड नंबर 3 में कथित तौर पर मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए पैसे बांटे जा रहे थे। जब आजाद उम्मीदवार और उनके समर्थकों को इसकी भनक लगी, तो उन्होंने मौके पर पहुंचकर इसका कड़ा विरोध किया। आरोप है कि विरोध से बौखलाए सत्ताधारी पार्टी के लोगों ने खुलेआम फायरिंग कर दी। गोलियों की आवाज सुनते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

विधायक जगरूप सिंह गिल ने संभाला मोर्चा, निष्पक्ष जांच की मांग

​घटना की सूचना मिलते ही बठिंडा शहरी के विधायक जगरूप सिंह गिल तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और तुरंत एसएसपी (SSP) से फोन पर बात की। विधायक गिल ने पुलिस प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच करने और चुनाव प्रक्रिया में खलल डालने वाले व फायरिंग के दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

“लोकतंत्र में हिंसा और धनबल का कोई स्थान नहीं है। पुलिस प्रशासन को इस मामले में तुरंत और सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ताकि चुनाव निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सकें।” > — जगरूप सिंह गिल, विधायक, बठिंडा शहरी

गुंडागर्दी के खिलाफ सड़क पर उतरे लोग, लगाया धरना

​फायरिंग की इस दुस्साहसिक घटना के विरोध में आजाद उम्मीदवार, उनके समर्थक और बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सत्ताधारी पार्टी के लोग अपनी हार के डर से खुलेआम गुंडागर्दी पर उतारू हैं और पैसे के दम पर चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।

विरोध बढ़ता देख गाड़ी में फरार हुआ नेता

​प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जिस समय पैसे बांटे जा रहे थे और फायरिंग हुई, उस दौरान सत्ताधारी पार्टी का एक रसूखदार स्थानीय नेता भी मौके पर ही मौजूद था। जैसे ही स्थानीय लोगों और आजाद उम्मीदवार के समर्थकों का गुस्सा भड़का और विरोध तेज हुआ, तो उक्त नेता अपने समर्थकों के साथ गाड़ी में बैठकर तुरंत मौके से फरार हो गया।

पुलिस जांच में जुटी, सुरक्षा बढ़ाई गई

​घटना के बाद से ही वार्ड नंबर 3 और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। मौके से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और चश्मदीदों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि कानून व्यवस्था को हाथ में लेने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा। चुनाव से ठीक पहले हुई इस वारदात ने बठिंडा की सियासत में बड़ा भूचाल ला दिया है।

Ami News
Author: Ami News

trfgcvkj.blkjhgfd

Leave a Comment

और पढ़ें

Horoscope

Weather

और पढ़ें
error: Content is protected !!