चंडीगढ़: अब ‘सोते हुए शहर’ से ‘24×7 कमर्शियल हब’ बनने की राह पर, नाइट इकोनॉमी में बूम
- इस साल 179 से अधिक प्रतिष्ठानों ने 24 घंटे संचालन के लिए लेबर विभाग में दी अंडरटेकिंग; पिछले साल यह आंकड़ा सिर्फ 48 था।
- मैकडॉनल्ड्स, केएफसी, ब्लिंकिट और 24 सेवन जैसे बड़े नेशनल-इंटरनेशनल ब्रांड्स ने रातभर सेवाएं देने की तैयारी की।
- बदलते उपभोक्ता व्यवहार, फूड डिलीवरी और क्विक-कॉमर्स ने बदली शहर की जीवनशैली।

,चंडीगढ़: चंडीगढ़, जो कभी अपनी शांत शामों और जल्दी बंद होने वाले बाजारों के लिए जाना जाता था, अब तेजी से एक आधुनिक 24×7 लाइफस्टाइल की ओर बढ़ रहा है। शहर में ‘नाइट इकोनॉमी’ (Night Economy) का दायरा इतनी तेजी से बढ़ रहा है कि अब रात के सन्नाटे की जगह कमर्शियल एक्टिविटी की चहल-पहल ले रही है।
ताजा आंकड़ों के अनुसार, यूटी (UT) प्रशासन के लेबर विभाग के समक्ष 179 से अधिक प्रतिष्ठानों ने 24 घंटे संचालन की अनुमति के लिए आवेदन या अंडरटेकिंग दी है। चौंकाने वाली बात यह है कि पिछले वर्ष यह संख्या केवल 48 थी, यानी इसमें करीब चार गुना की भारी वृद्धि दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते उपभोक्ता व्यवहार, लेट-नाइट फूड डिलीवरी सेवाओं और सुविधा आधारित रिटेल (Convenience Retail) के कारण चंडीगढ़ अब एक नॉन-स्टॉप कमर्शियल हब में तब्दील हो रहा है।
बड़े ग्लोबल ब्रांड्स से लेकर लोकल कैफे तक सब रेडी
प्रशासन को मिले आवेदनों में दुनिया के बड़े फूड चेन्स से लेकर स्थानीय हॉस्पिटैलिटी ब्रांड्स तक शामिल हैं। मैकडॉनल्ड्स, केएफसी, डोमिनोज़, पिज़्ज़ा हट, सबवे, बास्किन रॉबिन्स और यो! चाइना जैसे दिग्गज ब्रांड अब रातभर शहरवासियों की भूख मिटाने के लिए तैयार हैं।
इसके साथ ही, रिटेल चेन 24 सेवन (Godfrey Phillips India Limited) ने सेक्टर 15, 22, 26, 35 और 38 में अपने लेट-नाइट आउटलेट्स का विस्तार किया है। वहीं, क्विक-कॉमर्स सेक्टर की बड़ी कंपनी ब्लिंकिट (Blinkit) ने सेक्टर 17, 34, 37 और बरैल क्षेत्र में 24×7 संचालन के लिए आवेदन किया है। इससे साफ है कि चंडीगढ़ में अब सिर्फ खाना ही नहीं, बल्कि ग्रॉसरी और जरूरी सामान की डिमांड भी पारंपरिक समय सीमा (रात 10 बजे) को पार कर चुकी है।

ये सेक्टर्स बन रहे हैं चंडीगढ़ की नई ‘रीढ़’
चंडीगढ़ की कैफे और हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री भी इस बदलाव में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही है। क्लासिक 44, बाबा चिकन, चाय सुट्टा बार, ऑडी चायवाला, रोल एक्सप्रेस, बेल्जियन वाफल कंपनी, एमजी बेकर्स, डाउनटाउन कैफे और किचन 21 जैसे लोकप्रिय नाम अब रातभर सेवाएं देने की दिशा में कदम बढ़ा चुके हैं।
उभरते हुए लेट-नाइट फूड जोन्स:
- सेक्टर 8 की इनर मार्केट: अब यह इलाका शहर के प्रमुख लेट-नाइट फूड हब के रूप में विकसित हो रहा है।
- सेक्टर 15, 22, 26, 34 और 35: ये सेक्टर्स चंडीगढ़ की बढ़ती नाइट इकोनॉमी की रीढ़ बनते जा रहे हैं, जहां फूड, रिटेल और डिलीवरी सेवाएं 24 घंटे सक्रिय हैं।
- प्रमुख आउटलेट्स: द फायर एम्पायर, टिक्का वर्ल्ड, सुपरडोनट्स और वर्ल्ड ऑफ विंग्स जैसे आउटलेट्स रातभर ग्राहकों की सेवा में जुटे हैं।

क्यों आ रहा है यह बदलाव?
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, चंडीगढ़ में आईटी प्रोफेशनल्स, छात्रों और युवाओं की आबादी तेजी से बढ़ी है, जिनकी लाइफस्टाइल पारंपरिक वर्किंग ऑवर्स से अलग है। प्रशासन द्वारा नियमों में दी गई ढील और सुरक्षा व्यवस्था के भरोसे ने भी व्यापारियों का हौसला बढ़ाया है। इस 24×7 कल्चर से न केवल रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं, बल्कि यूटी प्रशासन के राजस्व (Revenue) में भी बढ़ोतरी की उम्मीद है।
साफ है कि ‘द सिटी ब्यूटीफुल’ अब रात में भी उतनी ही खूबसूरती और ऊर्जा के साथ धड़कने के लिए तैयार है।








