जनगणना कार्य में लापरवाही: जालंधर में 6 कर्मचारियों पर गिरी गाज, सैलरी रोकने के निर्देश
- DEO जालंधर ने नगर निगम और खजाना अफसर को जारी किया पत्र।
- राष्ट्रीय महत्व के काम में बाधा डालने और फोन न उठाने पर हुई सख्त कार्रवाई।
- ड्यूटी कटवाने के लिए निगम दफ्तर में सिफारिशों का दौर, अधिकारियों से हुई बहस।

जालंधर देशभर में चल रही जनगणना प्रक्रिया के बीच जालंधर में सरकारी कर्मचारियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। जनगणना कार्य से गैरहाजिर रहने और ड्यूटी के प्रति लापरवाही बरतने को शिक्षा विभाग ने बेहद गंभीरता से लिया है। इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए विभाग ने 6 कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।
डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन अफसर (सैकेंडरी), जालंधर ने नगर निगम के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर एवं चार्ज अफसर को एक पत्र लिखकर इन गैरहाजिर कर्मचारियों की सूची सौंप दी है। साथ ही सिफारिश की है कि इन सभी कर्मचारियों की सैलरी तुरंत प्रभाव से रोक दी जाए।

सरकारी काम में बाधा बर्दाश्त नहीं: DEO
DEO कार्यालय द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि जनगणना का कार्य बेहद समयबद्ध और राष्ट्रीय महत्व का है। इसके बावजूद कई बार निर्देश देने और व्यक्तिगत रूप से संपर्क करने की कोशिशों के बाद भी संबंधित कर्मचारी न तो ड्यूटी पर उपस्थित हो रहे हैं और न ही अधिकारियों के फोन कॉल का जवाब दे रहे हैं। विभाग के अनुसार, कर्मचारियों का यह अड़ियल रवैया जनगणना अभियान में देरी का मुख्य कारण बन रहा है, जिसे सरकारी काम में बाधा माना गया है। पत्र में निर्देश दिए गए हैं कि जब तक ये कर्मचारी अपनी ड्यूटी पूरी नहीं करते या अगले आदेश जारी नहीं होते, तब तक इनकी सैलरी रोकी रखी जाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए सुपरिंटैंडैंट इंजीनियर कम चार्ज अफसर ने इस पत्र की कॉपी खजाना अफसर (Treasury Officer) जालंधर को भी तुरंत कार्रवाई के लिए भेज दी है।
“जनगणना एक राष्ट्रीय महत्व का समयबद्ध कार्य है। इसमें किसी भी तरह की ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो कर्मचारी सहयोग नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त प्रशासनिक कदम उठाए जा रहे हैं।” > — शिक्षा विभाग (जालंधर)

ड्यूटी कटवाने के लिए सिफारिशों का अंबार, निगम दफ्तर में हंगामा
एक तरफ जहां लापरवाही पर गाज गिर रही है, वहीं दूसरी तरफ जनगणना ड्यूटी से नाम कटवाने के लिए नगर निगम में सिफारिशों का दौर चल रहा है। जालंधर नगर निगम के कमिश्नर को इस पूरी प्रक्रिया के लिए ‘प्रिंसिपल सेंसस ऑफिसर’ बनाया गया है। जनगणना के लिए बड़ी संख्या में शिक्षकों और अन्य सरकारी कर्मचारियों की ड्यूटियां लगाई गई हैं, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों से कर्मचारी ड्यूटी से बचने के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं।
सोमवार को नगर निगम कार्यालय में उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब बड़ी संख्या में शिक्षक और कर्मचारी ज्वाइंट कमिश्नर डॉ. सुमनदीप कौर के दफ्तर के बाहर जमा हो गए। इस दौरान अपनी ड्यूटी कटवाने को लेकर कुछ कर्मचारियों और निगम अधिकारियों के बीच तीखी बहस भी हुई। सूत्रों के मुताबिक, निगम अधिकारियों ने कुछ रसूखदार और ऊंची सिफारिशों वाले लोगों की ड्यूटियां काट भी दी हैं, जबकि कई कर्मचारियों को केवल आश्वासन मिला और उन्हें दोबारा ड्यूटी जॉइन करने के पत्र थमा दिए गए। इस भेदभाव को लेकर भी कर्मचारियों में भारी रोष देखा जा रहा है।









