वैश्विक तनाव की मार: देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगी आग, जालंधर में ₹100 के पार

मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में गहराते भू-राजनीतिक संकट और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी उछाल ने भारतीय उपभोक्ताओं की कमर तोड़ दी है। वैश्विक अस्थिरता का सीधा असर अब देश के पेट्रोल पंपों पर दिखने लगा है, जहां तेल की कीमतों में अचानक जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

जालंधर में पेट्रोल का ‘शतक’
पंजाब के जालंधर में आज ईंधन की कीमतों ने आम जनता को बड़ा झटका दिया। शहर में पेट्रोल की कीमत ₹100.51 प्रति लीटर के स्तर को पार कर गई है, जबकि डीजल ₹90.32 प्रति लीटर पर पहुंच गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अचानक हुई इस वृद्धि से घर का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है।
प्रमुख शहरों में ₹3.60 तक का उछाल
केवल पंजाब ही नहीं, बल्कि देशभर के प्रमुख महानगरों और शहरों में ईंधन की कीमतों में ₹3.00 से लेकर ₹3.60 प्रति लीटर तक की भारी बढ़ोतरी देखी गई है।
- नई दिल्ली: देश की राजधानी में भी तेल की कीमतों में ₹3.00 का इजाफा हुआ है। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में अब ग्राहकों को एक लीटर पेट्रोल के लिए ₹97.77 खर्च करने होंगे।

क्यों बढ़ रहे हैं दाम?
विशेषज्ञों के अनुसार, मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण सप्लाई चेन प्रभावित होने का डर है। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमतों में उछाल आने से भारतीय तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ गया है।
विशेषज्ञ की राय: “वैश्विक बाजार में छाई अस्थिरता फिलहाल थमने के संकेत नहीं दे रही है। यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम इसी तरह बढ़ते रहे, तो आने वाले दिनों में आम जनता पर महंगाई का बोझ और बढ़ सकता है।”

आम आदमी पर दोहरी मार
ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर माल ढुलाई पर पड़ेगा, जिससे आने वाले दिनों में फल, सब्जी और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों में भी तेजी आने की आशंका है। फिलहाल, जनता की नजरें सरकार पर टिकी हैं कि क्या इस बोझ को कम करने के लिए टैक्स में कोई कटौती की जाएगी।








