14 मई 2026: आज का खास दिन

आज 14 मई 2026, गुरुवार का दिन है। भारत समेत दुनिया भर में आज का दिन कई ऐतिहासिक, राष्ट्रीय और धार्मिक कारणों से महत्वपूर्ण है। समाचार जगत की दृष्टि से आज की प्रमुख घटनाओं और पंचांग की विस्तृत जानकारी नीचे दी गई है।
14 मई 2026: आज का विशेष समाचार लेख
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व
1. अंतरराष्ट्रीय मातृ दिवस (International Mother’s Day) की तैयारी:
मई माह का दूसरा रविवार (जो इस वर्ष 10 मई को था) बीतने के बाद भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मातृत्व और महिला सशक्तिकरण से जुड़े कई अभियान आज के दिन भी विभिन्न देशों में जारी हैं। आज के दिन कई वैश्विक संस्थाएं महिलाओं के स्वास्थ्य और शिक्षा पर अपनी रिपोर्ट साझा कर रही हैं।
2. ऐतिहासिक संदर्भ:
इतिहास के पन्नों में 14 मई का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। 1948 में आज ही के दिन ‘इस्राइल’ ने खुद को एक स्वतंत्र राष्ट्र घोषित किया था, जिसने मध्य-पूर्व की राजनीति को हमेशा के लिए बदल दिया। भारत के संदर्भ में, आज का दिन उन महान वीरों की याद दिलाता है जिन्होंने राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दिया।
3. विज्ञान और अंतरिक्ष:
आज के दिन इसरो (ISRO) और अन्य अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसियां कुछ महत्वपूर्ण उपग्रहों के प्रक्षेपण की वर्षगांठ मना रही हैं, जो भविष्य के मिशनों के लिए मील का पत्थर साबित हुए हैं।
धार्मिक दृष्टि से क्यों खास है आज का दिन?
धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से आज का दिन अत्यंत शुभ है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार आज गुरु प्रदोष व्रत का पावन संयोग बन रहा है।

गुरु प्रदोष व्रत का महत्व:
जब त्रयोदशी तिथि गुरुवार के दिन पड़ती है, तो उसे ‘गुरु प्रदोष’ कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। विशेष रूप से बृहस्पति देव का दिन होने के कारण आज शिव आराधना करने से आध्यात्मिक ज्ञान और संतान सुख की प्राप्ति होती है।

आज का विस्तृत पंचांग (14 मई 2026)
आज ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि है, जो सुबह 11:20 बजे तक रहेगी, इसके बाद त्रयोदशी तिथि का आरंभ होगा।
- तिथि: कृष्ण द्वादशी (प्रातः 11:20 तक), उसके बाद त्रयोदशी।
- दिन: गुरुवार
- संवत: विक्रम संवत 2083
- नक्षत्र: रेवती नक्षत्र (रात्रि 10:34 तक), उसके बाद अश्विनी नक्षत्र।
- योग: प्रीति योग (शाम 05:53 तक), उसके बाद आयुष्मान योग।
- करण: तैतिल (प्रातः 11:20 तक), फिर गर (रात्रि 10:00 तक)।
- चंद्र राशि: मीन राशि (रात्रि 10:34 तक), उसके बाद मेष राशि।
- सूर्य राशि: मेष राशि।

शुभ और अशुभ समय (मुहूर्त)
किसी भी शुभ कार्य को करने के लिए मुहूर्त का विचार आवश्यक है। आज के मुख्य समय निम्नलिखित हैं:
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:51 से दोपहर 12:45 तक (यह समय कार्य सिद्धि के लिए श्रेष्ठ है)।
- अमृत काल: रात्रि 08:20 से रात्रि 09:49 तक।
- ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:01 से 04:46 तक।
सावधान रहें (अशुभ समय):
- राहुकाल: दोपहर 01:30 से 03:00 बजे तक। इस समय में नए कार्यों की शुरुआत से बचना चाहिए।
- यमगंड: सुबह 06:00 से 07:30 बजे तक।
आज का विशेष उपाय
चूंकि आज गुरुवार और प्रदोष का संयोग है, इसलिए आज भगवान शिव का जलाभिषेक करें और उन्हें पीले रंग के फूल अर्पित करें। साथ ही भगवान विष्णु की पूजा और चने की दाल का दान करना आपके लिए भाग्यशाली सिद्ध हो सकता है।








