कर्ज और उत्पीड़न ने ली एक और जान: जालंधर में लॉटरी दुकान के कर्मचारी ने लगाया फंदा

जालंधर : बस्ती बावा खेल इलाके की मछली मार्केट में उस समय सनसनी फैल गई, जब एक लॉटरी दुकान के कर्मचारी ने दुकान के अंदर ही फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मृतक की पहचान शहीद बाबू लाभ सिंह नगर निवासी 45 वर्षीय अरुण कुमार उर्फ लक्की के रूप में हुई है। अरुण अपने पीछे पत्नी और दो मासूम बेटियों को रोता-बिलखता छोड़ गया है।
सुसाइड नोट और वीडियो में बयां किया दर्द
आत्मघाती कदम उठाने से ठीक पहले अरुण ने एक भावुक वीडियो बनाया और अपनी पत्नी को व्हाट्सएप पर भेजा। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट और वॉयस रिकॉर्डिंग भी बरामद हुई है। जांच में सामने आया है कि इन संदेशों में मृतक ने उन लोगों के नामों का स्पष्ट उल्लेख किया है जो उसे पिछले काफी समय से प्रताड़ित कर रहे थे।
बेटी के इलाज के लिए लिया था कर्ज
परिजनों ने बताया कि अरुण पिछले कुछ समय से भारी आर्थिक तंगी से गुजर रहा था। उसने अपनी बेटी के इलाज के लिए कुछ स्थानीय साहूकारों से ब्याज पर पैसे उधार लिए थे। समय पर किस्तें न चुका पाने के कारण कर्जदाता उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। पत्नी सोनिया ने आरोप लगाया कि उन लोगों के दबाव के कारण अरुण काफी तनाव में था और इसी वजह से उसने यह घातक कदम उठाया।
“अरुण देर रात घर से निकला था और बहुत परेशान दिख रहा था। सुबह हमें उसकी मौत की खबर मिली। कर्ज देने वाले उसे लगातार धमका रहे थे।”
— सोनिया, मृतक की पत्नी

पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही थाना नंबर 1 के प्रभारी राकेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है।
थाना प्रभारी राकेश कुमार का बयान:
“हमने मौके से सुसाइड नोट और वॉयस रिकॉर्डिंग जब्त कर ली है। परिवार के बयानों और तकनीकी साक्ष्यों (वीडियो/व्हाट्सएप मैसेज) के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

मानसिक तनाव में यहां लें मदद
अगर आप या आपका कोई जानने वाला किसी भी प्रकार के मानसिक तनाव या आर्थिक दबाव से गुजर रहा है, तो कृपया मदद मांगें। आप सरकारी हेल्पलाइन नंबरों या मनोचिकित्सक से संपर्क कर सकते हैं। आत्महत्या किसी समस्या का समाधान नहीं है।








