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 9  मई 2026 आज का खास दिन

 9  मई 2026 आज का खास दिन

9 मई 2026 का दिन इतिहास की गौरवशाली घटनाओं, अंतरराष्ट्रीय महत्व और हिंदू पंचांग की गणनाओं के अनुसार बेहद विशेष है। राष्ट्रीय स्तर पर जहाँ यह दिन वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की स्मृति को समर्पित है, वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह यूरोप की एकता और विश्व शांति का संदेश देता है।

​यहाँ आज के दिन का विस्तृत विवरण दिया गया है:

राष्ट्रीय महत्व: वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती

​9 मई भारत के इतिहास में साहस और स्वाभिमान के प्रतीक महाराणा प्रताप की जयंती के रूप में मनाया जाता है। 1540 में आज ही के दिन मेवाड़ की पावन धरा पर इस महान योद्धा का जन्म हुआ था। उन्होंने मुगलों की अधीनता स्वीकार करने के बजाय घास की रोटी खाना स्वीकार किया, लेकिन अपनी मातृभूमि का मस्तक झुकने नहीं दिया। उनकी वीरता और ‘चेतक’ की स्वामीभक्ति की कहानियाँ आज भी हर भारतीय को गौरवान्वित करती हैं।

​इसके अलावा, आज का दिन आधुनिक भारत के महान समाज सुधारक और स्वतंत्रता सेनानी गोपाल कृष्ण गोखले (जन्म: 1866) की जयंती का भी है, जिन्हें महात्मा गांधी अपना राजनीतिक गुरु मानते थे।

अंतरराष्ट्रीय महत्व: यूरोप दिवस और शांति का संदेश

​अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 9 मई को ‘यूरोप दिवस’ (Europe Day) के रूप में मनाया जाता है। 1950 में इसी दिन फ्रांसीसी विदेश मंत्री रॉबर्ट शुमान ने ‘शुमान घोषणा’ की थी, जिसने आधुनिक यूरोपीय संघ (EU) की नींव रखी। यह दिन यूरोप में शांति, एकजुटता और राजनीतिक सहयोग का प्रतीक है।

​साथ ही, द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान नाजी जर्मनी पर जीत की याद में कई देशों में आज का दिन ‘विजय दिवस’ (Victory Day) के रूप में भी सम्मान के साथ मनाया जाता है।

धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि: कालाष्टमी और विशेष योग

​आज धार्मिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। हिंदू पंचांग के अनुसार आज ‘कालाष्टमी’ है। प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान शिव के रौद्र रूप ‘काल भैरव’ की पूजा की जाती है। श्रद्धालु आज के दिन व्रत रखते हैं और नकारात्मक ऊर्जा के विनाश व संकटों से मुक्ति के लिए भैरव बाबा की उपासना करते हैं।

आज का पंचांग: 9 मई 2026

​पंचांग की गणना के अनुसार आज का दिन आध्यात्मिक और मांगलिक कार्यों के लिए मिश्रित परिणाम देने वाला है।

  • तिथि: ज्येष्ठ मास, कृष्ण पक्ष, अष्टमी (दोपहर 02:02 बजे तक सप्तमी, तत्पश्चात अष्टमी)।
  • दिन: शनिवार (शनि देव की उपासना के लिए उत्तम)।
  • नक्षत्र: श्रवण नक्षत्र (रात्रि 11:24 बजे तक, उसके बाद धनिष्ठा)।
  • योग: शुक्ल योग (देर रात 02:36 बजे तक, तत्पश्चात ब्रह्म योग)।
  • करण: बव (दोपहर 02:02 बजे तक), फिर बालव।
  • चंद्र राशि: मकर (पूरा दिन और रात)।
  • सूर्य राशि: मेष।

आज के शुभ और अशुभ मुहूर्त

​किसी भी नए कार्य की शुरुआत के लिए मुहूर्त का विचार करना कल्याणकारी माना जाता है:

  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:51 बजे से 12:45 बजे तक (यह दिन का सबसे शुभ समय है)।
  • अमृत काल: दोपहर 12:06 बजे से 01:51 बजे तक।
  • राहुकाल (अशुभ): सुबह 09:00 बजे से 10:37 बजे तक (इस समय शुभ कार्यों से बचना चाहिए)।
  • यमगंड: दोपहर 01:59 बजे से 03:39 बजे तक।

आज का विशेष उपाय

​चूंकि आज शनिवार है और कृष्ण पक्ष की अष्टमी भी है, इसलिए शनि देव और काल भैरव की संयुक्त कृपा पाने का विशेष संयोग है। आज शाम को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाने और ‘ओम शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का जाप करने से शनि दोषों से मुक्ति मिलती है और जीवन में स्थिरता आती है।

Ami News
Author: Ami News

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