नारायण नगर में नकली खाद बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़, भारी मात्रा में पोटाश और जिंक बरामद
चंडीगढ़ की विशेष टीम ने फरीदकोट पुलिस के साथ की छापेमारी; रिहायशी कोठी में चल रहा था अवैध कारोबार

फरीदकोट: कृषि विभाग ने जिले के नारायण नगर इलाके में एक कोठी के भीतर चल रहे नकली खाद और कीटनाशकों के बड़े अवैध कारोबार का पर्दाफाश किया है। चंडीगढ़ से आई विशेष जांच टीम ने स्थानीय पुलिस और कृषि अधिकारियों की मदद से छापेमारी कर मौके से भारी मात्रा में नकली पोटाश, जिंक, एक्सपायरी सामग्री और पैकिंग मशीनें बरामद की हैं। छापेमारी के दौरान मुख्य संचालक फरार होने में सफल रहा, जिसकी तलाश जारी है।

गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई
संयुक्त निदेशक नरेंद्र सिंह बैंस के नेतृत्व में पहुंची टीम को सूचना मिली थी कि नारायण नगर की गली नंबर-2 स्थित एक कोठी में नकली खाद तैयार कर किसानों को बेची जा रही है। टीम में जिला कृषि अधिकारी डॉ. कुलवंत सिंह और एडीओ इन्फोर्समेंट डॉ. जतिंदरपाल मान भी शामिल थे।
एक्सपायरी सामान पर लगाते थे नए स्टिकर
जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि संचालक एक्सपायर हो चुकी सामग्री पर नई तारीखों के फर्जी स्टिकर लगाकर उसे दोबारा पैक करता था। मौके से बड़ी संख्या में खाली बोरियां, रैपर और सिलाई मशीनें मिली हैं, जो इस बात का सबूत हैं कि यहां बड़े पैमाने पर ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर पैकिंग की जा रही थी।
“आरोपी रजिंदर सेठी का खाद का लाइसेंस छह महीने पहले ही रद्द हो चुका था। इसके बाद उसने चोरी-छिपे रिहायशी इलाके में यह काम शुरू किया। विभाग ने पुलिस को फर्टिलाइजर और इंसेक्टिसाइड एक्ट सहित धोखाधड़ी की धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की सिफारिश की है।”
— कृषि विभाग के अधिकारी

किसानों को बड़े आर्थिक नुकसान की आशंका
शुरुआती जांच के अनुसार, यह नकली खाद विभिन्न इलाकों के छोटे किसानों को सप्लाई की जा रही थी। इससे न केवल किसानों का पैसा बर्बाद हो रहा था, बल्कि भूमि की उर्वरता और फसलों को भी बड़ा खतरा था। विभाग ने बरामद सामग्री के सैंपल लैब भेज दिए हैं।
अगली कार्रवाई:
- पुलिस ने मुख्य आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर छापेमारी शुरू कर दी है।
- लैब रिपोर्ट आने के बाद सख्त कानूनी धाराओं में इजाफा किया जाएगा।
- विभाग अब उन कड़ियों को जोड़ रहा है जहां यह नकली माल सप्लाई किया गया था।








