मंदिर में दूसरी शादी के दौरान मचा हंगामा, पहले पति के पहुँचते ही बिन फेरे लौटे दूल्हा-दुल्हन

बैजनाथ (कांगड़ा): उपमंडल बैजनाथ के प्रसिद्ध श्री चामुंडा मंदिर परिसर में मंगलवार को उस समय हाई-वोल्टेज ड्रामा शुरू हो गया, जब एक महिला की दूसरी शादी के मंडप में उसका पहला पति धमक पड़ा। अचानक हुए इस घटनाक्रम से विवाह की रस्में बीच में ही रुक गईं। स्थिति को बिगड़ता देख दूल्हा और दुल्हन बिना फेरे लिए ही मौके से रफूचक्कर हो गए।

2018 में हुई थी पहली शादी, दो बच्चों की माँ है महिला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, महिला का विवाह वर्ष 2018 में हुआ था और उसके दो छोटे बच्चे भी हैं। बताया जा रहा है कि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से वैवाहिक विवाद चल रहा है और मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है। इसी कानूनी प्रक्रिया के बीच महिला ने दूसरी शादी करने का निर्णय लिया और मंगलवार को मंदिर में रस्में अदा की जा रही थीं।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
शादी के दौरान जैसे ही पहले पति को भनक लगी, वह अपने परिजनों के साथ मंदिर परिसर पहुँच गया। उसे देखते ही समारोह में अफरा-तफरी मच गई और दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। पहले पति का आरोप है कि उसने इस अवैध विवाह को रोकने के लिए पहले पालमपुर थाने में शिकायत की थी, जहाँ से उसे बैजनाथ भेजा गया। वहीं, बैजनाथ पुलिस ने मामले को पालमपुर क्षेत्र का बताकर कार्रवाई से पल्ला झाड़ लिया। पुलिस की इस टालमटोल की नीति के कारण पीड़ित पक्ष में रोष है।

मासूम बच्चों का भविष्य अधर में
इस पूरे हंगामे और पारिवारिक कलह के बीच सबसे बड़ा सवाल उन दो मासूम बच्चों के भविष्य पर खड़ा हो गया है, जो इस विवाद में पिस रहे हैं। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि बिना तलाक के दूसरी शादी करना न केवल कानूनी रूप से गलत है, बल्कि ऐसे मामलों का बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। फिलहाल, दूल्हा-दुल्हन के मौके से चले जाने के बाद मंदिर परिसर में चर्चाओं का बाजार गर्म है।








