पंजाब में धमाकों पर छिड़ा सियासी घमासान: CM मान ने BJP को घेरा, DGP ने जताया ISI पर शक
जालंधर/अमृतसर : पंजाब के जालंधर और अमृतसर में मंगलवार देर रात हुए दोहरे बम धमाकों ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इन धमाकों के बाद जहाँ पंजाब पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं, वहीं अब इस मामले ने गंभीर राजनीतिक रूप ले लिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान, DGP गौरव यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ के बयानों ने राज्य के सियासी पारे को गरमा दिया है।

मुख्यमंत्री का संगीन आरोप: ‘धमाकों के पीछे भाजपा’
धमाकों के तुरंत बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक विवादित बयान जारी किया है। उन्होंने सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए कहा कि इन धमाकों के पीछे भाजपा का हाथ है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि चुनाव नज़दीक आते ही भाजपा राज्य का माहौल खराब करने और लोगों में डर पैदा करने की कोशिश कर रही है। मान ने कहा, “भाजपा हमेशा नफरत और डर की राजनीति करती है, पंजाब की शांति को भंग करने की यह एक गहरी साजिश है।”

DGP की थ्योरी अलग: ISI की साजिश का संदेह
दूसरी ओर, पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने मुख्यमंत्री के दावों से इतर तकनीकी और खुफिया इनपुट्स के आधार पर अपनी बात रखी। अमृतसर के खासा स्थित धमाके वाली जगह का दौरा करने के बाद DGP ने कहा कि शुरुआती जांच में इसके पीछे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का हाथ होने का संदेह है। उन्होंने कहा कि सीमा पार से पंजाब की शांति और सद्भाव को बिगाड़ने के लिए यह “ISI-डिजाइन” का हिस्सा हो सकता है।
सुनील जाखड़ का पलटवार: ‘कुर्सी जाने के डर में हैं CM’
मुख्यमंत्री के बयान पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मुख्यमंत्री के बयान को “गैर-जिम्मेदाराना” करार देते हुए कहा:
”कल रात हुए धमाके चिंता का विषय हैं, लेकिन मुख्यमंत्री का बयान उससे भी अधिक खतरनाक है। जब राज्य का DGP इसे ISI की साजिश बता रहा है, तब मुख्यमंत्री राजनीति से प्रेरित होकर बयानबाजी कर रहे हैं। इससे साफ झलकता है कि वे घबराए हुए हैं और उन्हें अपनी कुर्सी खोने का डर सता रहा है।”
जाखड़ ने मुख्यमंत्री को नसीहत देते हुए कहा कि वे अपनी कुर्सी बचाने की चिंता छोड़ें और पुलिस का इस्तेमाल अपने ही विधायकों पर नज़र रखने के लिए न करें। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “अगर विधायकों ने जाने का मन बना लिया है, तो पुलिस उन्हें नहीं रोक पाएगी। बेहतर होगा कि पुलिस को उनका असली काम करने दें ताकि राज्य सुरक्षित रहे।”

क्या था घटनाक्रम?
- पहला धमाका: जालंधर में BSF के पंजाब फ्रंटियर मुख्यालय के बाहर एक खड़ी स्कूटी में रात करीब 8 बजे धमाका हुआ।
- दूसरा धमाका: अमृतसर के खासा कैंट इलाके की दीवार के पास रात करीब 10:50 बजे हुआ।
- राहत की खबर: दोनों ही घटनाओं में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इसे बड़ी चेतावनी मान रही हैं।
फिलहाल, NIA और पंजाब पुलिस की टीमें फॉरेंसिक सबूतों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही हैं, लेकिन इस बीच शुरू हुई बयानबाजी ने पंजाब के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।
सम्पादकीय टिप्पणी: सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मामलों में संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों के विरोधाभासी बयान जनता के बीच भ्रम और असुरक्षा की भावना पैदा कर सकते हैं।








