5 मई 2026 आज का खास दिन

आज का विशेष: स्वास्थ्य जागरूकता का अंतरराष्ट्रीय मंच और भक्ति का अनूठा संगम
आज 5 मई का दिन कैलेंडर के पन्नों में कई महत्वपूर्ण घटनाओं और पर्वों को समेटे हुए है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जहाँ आज का दिन स्वास्थ्य और भाषा के प्रति समर्पित है, वहीं भारत के आध्यात्मिक गलियारों में आज मंगलकारी योगों की धूम है।
अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय महत्व: स्वास्थ्य और संस्कृति का दिन
आज दुनिया भर में ‘विश्व अस्थमा दिवस’ (World Asthma Day) मनाया जा रहा है। मई के पहले मंगलवार को मनाए जाने वाले इस दिन का उद्देश्य फेफड़ों से जुड़ी इस गंभीर बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करना और बेहतर उपचार की दिशा में कदम बढ़ाना है। इसके साथ ही, आज ‘विश्व पुर्तगाली भाषा दिवस’ भी है, जो वैश्विक स्तर पर सांस्कृतिक विविधता का प्रतीक है।
इतिहास के झरोखे से देखें तो आज ही के दिन 1821 में महान फ्रांसीसी सम्राट नेपोलियन बोनापार्ट का निधन हुआ था। साथ ही, आज का दिन अमेरिकी अंतरिक्ष इतिहास में भी दर्ज है, क्योंकि 1961 में आज ही एलन शेफर्ड अंतरिक्ष में जाने वाले पहले अमेरिकी बने थे।

धार्मिक महत्व: बड़ा मंगल और अंगारकी चतुर्थी का महासंयोग
धार्मिक दृष्टि से आज का दिन बेहद खास है। ज्येष्ठ मास का प्रारंभ हो चुका है और आज ‘ज्येष्ठ माह का पहला बड़ा मंगल’ है। उत्तर भारत, विशेषकर लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में इसे बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। मान्यता है कि हनुमान जी और प्रभु श्रीराम का मिलन इसी माह में हुआ था।
इसके साथ ही, आज ‘अंगारकी संकष्टी चतुर्थी’ भी है। जब चतुर्थी तिथि मंगलवार को पड़ती है, तो उसे ‘अंगारकी चतुर्थी’ कहा जाता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत रखने से पूरे वर्ष की चतुर्थियों का फल प्राप्त होता है और मंगल दोष से मुक्ति मिलती है।
आज का पंचांग: शुभ मुहूर्त और समय (5 मई 2026)
आज का पंचांग गणनाओं के आधार पर विशेष मंगलकारी योग दर्शा रहा है:
- तिथि: ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष, चतुर्थी (पूर्ण रात्रि तक)।
- नक्षत्र: ज्येष्ठा नक्षत्र (दोपहर 12:55 तक), इसके बाद मूल नक्षत्र प्रारंभ।
- योग: शिव योग (देर रात 12:16 तक), तदुपरांत सिद्ध योग।
- करण: बव (शाम 06:37 तक), इसके बाद बालव।
- सूर्य और चंद्र: सूर्योदय सुबह 05:37 बजे और सूर्यास्त शाम 06:59 बजे। चंद्रोदय रात्रि 10:35 बजे होगा।

शुभ और अशुभ समय
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:51 से दोपहर 12:45 तक (किसी भी शुभ कार्य के लिए सर्वश्रेष्ठ)।
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:13 से 04:55 तक।
- राहुकाल: दोपहर 03:37 से शाम 05:14 तक (इस समय शुभ कार्यों से बचें)।
- दिशाशूल: उत्तर दिशा (आज उत्तर दिशा की यात्रा टालना सुखद रहेगा)।
आज का विशेष मंत्र: अंगारकी चतुर्थी पर “ॐ गं गणपतये नमः” और बड़े मंगल के अवसर पर “हनुमान चालीसा” का पाठ करना अत्यंत फलदायी माना गया है।








