एम्स बिलासपुर में खूनी संघर्ष: पिता की देखभाल कर रही महिला पर तीमारदार ने चाकू से किया हमला

बिलासपुर : हिमाचल प्रदेश के प्रतिष्ठित स्वास्थ्य संस्थान एम्स (AIIMS) बिलासपुर से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहाँ अस्पताल के वार्ड में अपने बीमार पिता की देखभाल के लिए ठहरी एक महिला पर एक अन्य तीमारदार ने अचानक चाकू से हमला कर उसे घायल कर दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बिना किसी उकसावे के किया हमला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घायल महिला की पहचान अंजू कुमारी निवासी गांव धाड़त, तहसील घुमारवीं (जिला बिलासपुर) के रूप में हुई है। अंजू ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि वह एम्स के वार्ड में अपने बीमार पिता की तीमारदारी के लिए रुकी हुई थी। इसी दौरान वार्ड में एक अन्य मरीज के साथ आए तीमारदार ने अचानक उन पर फल-सब्जी काटने वाले चाकू से हमला कर दिया।

पिता को भी बचाने के प्रयास में हुई घायल
पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने न केवल उन पर वार किया, बल्कि उनके बुजुर्ग पिता पर भी हमला करने की कोशिश की। महिला ने बहादुरी दिखाते हुए अपने पिता को बचाने का प्रयास किया, जिस दौरान वह घायल हो गई। अंजू कुमारी का कहना है कि उनकी आरोपी के साथ कोई पुरानी रंजिश या विवाद नहीं था और यह हमला पूरी तरह से बिना किसी उकसावे के किया गया।
क्या कहती है पुलिस?
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। एसपी बिलासपुर संदीप धवल ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया:
”आरोपी के खिलाफ सदर पुलिस थाना में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है कि आखिर हमले का मुख्य कारण क्या था। आरोपी से पूछताछ जारी है और आगामी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।”

अस्पताल की सुरक्षा पर उठे सवाल
अस्पताल जैसे सुरक्षित माने जाने वाले स्थान पर, जहाँ तीमारदार अपनों के इलाज की उम्मीद में आते हैं, वहां इस तरह की हिंसक घटना होने से अन्य मरीजों और उनके परिजनों में दहशत का माहौल है। लोग अब एम्स की सुरक्षा व्यवस्था और वार्डों के भीतर हथियारों (जैसे चाकू) के प्रवेश को लेकर सवाल उठा रहे हैं।








