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सावधान! आज से बदल गया आपकी रसोई का बजट, कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों ने छुआ आसमान।”

महंगाई का जोरदार झटका: कमर्शियल गैस सिलेंडर ₹993 महंगा, ₹3000 के पार पहुंची कीमतें

मई महीने के पहले ही दिन आम आदमी और खाद्य व्यवसायियों पर महंगाई का बड़ा बम फूटा है। सरकारी तेल कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी (LPG) सिलेंडर की कीमतों में 993 रुपये की भारी बढ़ोतरी कर दी है। इस वृद्धि के बाद अब 19 किलोग्राम वाला कमर्शियल सिलेंडर दिल्ली में ₹3071.50 का हो गया है, जो कल तक लगभग ₹2078 के करीब था।

खाद्य और औद्योगिक सेक्टर में हड़कंप

​कमर्शियल गैस की कीमतों में करीब 50% के इस उछाल ने होटल, ढाबा मालिकों और कैटरिंग कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है। जानकारों का मानना है कि इस बढ़ोतरी का सीधा असर बाहर खाना खाने वालों की जेब पर पड़ेगा। रेस्तरां और होटलों में खाने की थाली महंगी होने की पूरी आशंका है। साथ ही, 5 किलो वाले छोटे सिलेंडर के दाम में भी 261 रुपये का इजाफा किया गया है, जिससे रेहड़ी-पटरी वालों का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है।

पेट्रोल-डीजल पर भी मंडरा रहे खतरे के बादल

​गैस के बाद अब सबकी नजरें ईंधन की कीमतों पर टिकी हैं। चुनावी दौर खत्म होने और वैश्विक तनाव (खासकर मिडिल-ईस्ट संकट) के कारण कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका है।

  • सूत्रों का दावा: बाजार विशेषज्ञों और कारोबार से जुड़े सूत्रों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 30 से 40 रुपये प्रति लीटर तक की रिकॉर्ड बढ़ोतरी देखी जा सकती है।
  • सरकारी रुख: हालांकि पेट्रोलियम मंत्रालय ने फिलहाल किसी भी तत्काल वृद्धि से इनकार किया है और इसे ‘अफवाह’ करार दिया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने दबाव बढ़ा दिया है।

प्रमुख शहरों में कमर्शियल सिलेंडर की नई दरें (अनुमानित):

शहर

नई कीमत (₹)

वृद्धि (₹)

दिल्ली

3,071.50

993.00

मुंबई

3,024.00

993.00

कोलकाता

3,202.00

994.00

चेन्नई

3,237.00

990.50

बड़ी राहत: राहत की बात यह है कि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।

क्यों बढ़ रहे हैं दाम?

​विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में तनाव और ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ (Strait of Hormuz) जैसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग में बाधा आने की वजह से ऊर्जा संकट गहराया है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, ऐसे में वैश्विक अस्थिरता का असर घरेलू बाजार पर साफ दिख रहा है।

संपादकीय टिप्पणी: यदि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में अनुमानित बढ़ोतरी होती है, तो यह देश की माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स सेक्टर के लिए अब तक की सबसे बड़ी चुनौती साबित हो सकती है।

Ami News
Author: Ami News

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