मलेरिया में भी दीपिका ने नहीं छोड़ी शूटिंग: लारा दत्ता ने खोला ‘हाउसफुल’ के सेट का राज, बताया क्यों हैं वो नंबर 1

मुंबई: बॉलीवुड की ‘मस्तानी’ दीपिका पादुकोण आज जिस मुकाम पर हैं, वहां तक पहुँचने के पीछे सिर्फ उनकी खूबसूरती या किस्मत नहीं, बल्कि उनका अटूट समर्पण (Dedication) है। हाल ही में उनकी ‘हाउसफुल’ की को-स्टार लारा दत्ता ने एक ऐसा खुलासा किया है, जिसने यह साबित कर दिया कि दीपिका आखिर इंडस्ट्री की ‘अनडिस्प्यूटेड नंबर वन’ क्यों मानी जाती हैं।
तेज बुखार और कंपकंपी के बीच दी परफॉर्मेंस
लारा दत्ता ने फिल्म ‘हाउसफुल’ की शूटिंग के दिनों को याद करते हुए बताया कि उस दौरान दीपिका बेहद बीमार थीं। लारा के अनुसार:
”शूटिंग के वक्त दीपिका को मलेरिया हो गया था। वे पूरी तरह बेदम हो चुकी थीं। रात भर उन्हें तेज बुखार रहता था और शरीर कंपकंपी से टूट जाता था। लेकिन अगली सुबह, वो समय पर सेट पर मौजूद होती थीं।”
लारा ने आगे बताया कि मलेरिया जैसी बीमारी में, जो इंसान को अंदर से तोड़ देती है, दीपिका ने न केवल शूटिंग की बल्कि भारी ‘इमोशनल सीन्स’ को भी उतनी ही शिद्दत से निभाया। उन्होंने अपनी बीमारी का असर अपनी परफॉर्मेंस पर जरा भी नहीं पड़ने दिया।

प्रोफेशनलिज्म की मिसाल
लारा दत्ता ने दीपिका की तारीफ करते हुए कहा कि एक एक्टर के तौर पर वह बहुत क्लियर और फोकस्ड रहती हैं। उन्हें पता होता है कि उन्हें क्या करना है। जब कोई कलाकार अपनी कला को लेकर इतना अनुशासित होता है, तभी पर्दे पर जादू दिखाई देता है। यह केवल प्रोफेशनलिज्म नहीं, बल्कि उनकी गजब की सहनशक्ति और अनुशासन का प्रमाण है।
दीपिका पादुकोण: स्टारडम के पीछे की तपस्या
दीपिका का यह सफर इस बात का गवाह है कि स्टारडम रातों-रात नहीं मिलता। मलेरिया से लड़ते हुए, बिना किसी समझौते के काम पूरा करना एक सच्चे कलाकार की मानसिकता को दर्शाता है। यही वो जज्बा है जो उन्हें आज की पीढ़ी की सबसे बड़ी सुपरस्टार बनाता है।

आने वाले प्रोजेक्ट्स (Upcoming Projects)
दीपिका पादुकोण रुकने वाली नहीं हैं। उनकी झोली में इस वक्त दो सबसे बड़े प्रोजेक्ट्स हैं:
- राका (Raka)
- किंग (King)
दर्शक एक बार फिर अपनी ‘क्वीन’ को बड़े पर्दे पर उसी ऊर्जा और काबिलियत के साथ देखने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
बड़ी बात: लारा दत्ता के इस खुलासे ने उन आलोचकों का मुंह बंद कर दिया है जो सोचते हैं कि स्टार्स की जिंदगी सिर्फ ग्लैमर तक सीमित है। दीपिका की यह कहानी मेहनत और हिम्मत की एक नई मिसाल है।








