बटाला को जिला बनाने की मांग का विरोध: गुरदासपुर के वकीलों ने भरी हुंकार, कामकाज ठप
जिला बचाओ संघर्ष समिति ने निकाला रोष मार्च, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

गुरदासपुर : बटाला को अलग जिला बनाने की उठ रही मांग के खिलाफ गुरदासपुर का वकील समुदाय लामबंद हो गया है। जिला बचाओ संघर्ष समिति और जिला बार एसोसिएशन के आह्वान पर मंगलवार को वकीलों के आंदोलन के दूसरे दिन कचहरी का कामकाज पूरी तरह ठप रहा। वकीलों ने एकजुट होकर जिला अदालत परिसर से डिप्टी कमिश्नर (DC) कार्यालय तक विशाल रोष मार्च निकाला और पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

प्रमुख बिंदु: क्यों हो रहा है विरोध?
- विभाजन से नुकसान: वरिष्ठ अधिवक्ता मनोज लूंबा ने कहा कि पहले पठानकोट को अलग जिला बनाने से गुरदासपुर को आर्थिक और भौगोलिक रूप से बड़ा नुकसान हुआ है। अब बटाला का विभाजन जिले के अस्तित्व को खतरे में डाल देगा।
- आर्थिक बोझ: वकीलों का तर्क है कि पंजाब पहले ही कर्ज में डूबा है। नया जिला बनाने से सरकारी खजाने पर प्रशासनिक खर्चों का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
- राजनीतिक साजिश: प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि केवल राजनीतिक लाभ के लिए जिले को तोड़ने की साजिश रची जा रही है।
प्रशासन को दी चेतावनी
वकीलों ने जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि फिलहाल यह संघर्ष शांतिपूर्ण है, लेकिन यदि सरकार ने अपनी जिद नहीं छोड़ी तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
“ऐतिहासिक गुरदासपुर जिले को टुकड़ों में नहीं बंटने देंगे। बटाला को जिला बनाना प्रशासनिक और आर्थिक, दोनों दृष्टि से गलत फैसला होगा।” > — एडवोकेट मनोज लूंबा, वरिष्ठ वकील

अदालतों में पसरा सन्नाटा हड़ताल के कारण मंगलवार को अदालतों में कोई कामकाज नहीं हुआ, जिससे दूर-दराज से आए लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बार एसोसिएशन ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, संघर्ष जारी रहेगा।








