मिल्कफेड का बड़ा फैसला: पंजाब में 1 मई से बढ़ेंगे दूध के दाम, किसानों की झोली में आएंगे अतिरिक्त 100 करोड़

पंजाब की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बूस्ट देने और डेयरी किसानों को राहत पहुँचाने के लिए राज्य सरकार और मिल्कफेड (वेरका) ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री के निर्देशों पर अमल करते हुए, मिल्कफेड ने दूध की खरीद कीमतों में 20 रुपये प्रति किलोग्राम फैट की वृद्धि करने की घोषणा की है। यह नई दरें 1 मई 2026 से पूरे राज्य में प्रभावी होंगी।

2.5 लाख किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
मिल्कफेड के सूत्रों के अनुसार, इस फैसले का प्राथमिक उद्देश्य डेयरी क्षेत्र को आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाना है। वर्तमान में मिल्कफेड से लगभग 2.5 लाख किसान सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं, जिन्हें इस बढ़ी हुई कीमत का तत्काल लाभ मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि मिल्कफेड के इस कदम के बाद अन्य निजी दुग्ध कंपनियां और डेयरी संस्थाएं भी अपनी खरीद कीमतें बढ़ाने पर मजबूर होंगी, जिससे राज्य के लगभग 30 लाख दूध उत्पादकों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा ‘100 करोड़ी’ बूस्ट
मिल्कफेड पंजाब, जो उत्तर भारत की अग्रणी दुग्ध सहकारी संस्था है, के इस फैसले से ग्रामीण क्षेत्रों में नकदी का प्रवाह बढ़ेगा। अनुमान लगाया गया है कि इस वृद्धि से पंजाब की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में हर महीने लगभग 100 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ होगा।
“डेयरी किसान पंजाब की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप, यह निर्णय उनके पसीने की सही कीमत देने और डेयरी व्यवसाय को अधिक लाभदायक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।”
— मिल्कफेड आधिकारिक सूत्र

मुख्य बिंदु: एक नज़र में
- वृद्धि: 20 रुपये प्रति किलोग्राम फैट।
- प्रभावी तिथि: 1 मई 2026 से।
- लाभार्थी: 2.5 लाख प्रत्यक्ष और 30 लाख अप्रत्यक्ष दुग्ध उत्पादक।
- आर्थिक प्रभाव: ग्रामीण आय में प्रति माह 100 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी।
बाजार पर पड़ेगा असर
मिल्कफेड द्वारा खरीद कीमतों में वृद्धि किए जाने के बाद, बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ने की संभावना है। निजी डेयरियों को भी अपना स्टॉक बनाए रखने के लिए कीमतों में इजाफा करना पड़ सकता है, जिससे अंततः छोटे और सीमांत किसानों की आय में सुधार होगा।








