कनाडा इमीग्रेशन पॉलिसी में बड़ा बदलाव: 70 लाख कमाने वालों को एक हफ्ते में मिलेगी PR
डॉक्टर, नर्स और इंजीनियरों के लिए खुले राह; फर्जीवाड़े पर लगाम के लिए बिल C-12 और C-3 लागू

ओटावा/टोरंटो: कनाडा सरकार ने अपनी इमीग्रेशन नीतियों में एक क्रांतिकारी बदलाव करते हुए नई गाइडलाइंस जारी की हैं। सरकार का सीधा फोकस अब उन प्रवासियों पर है जो देश की अर्थव्यवस्था में तत्काल और ठोस योगदान दे सकते हैं। नए नियमों के तहत जहाँ कुशल पेशेवरों के लिए स्थायी निवास (PR) की राह आसान की गई है, वहीं अवैध रूप से रहने वालों के लिए निर्वासन (Deportation) की तलवार भी लटका दी गई है।
हाई-सैलरी वालों की ‘फास्ट ट्रैक’ एंट्री
नई पॉलिसी का सबसे बड़ा आकर्षण ‘हाई-सैलरी’ ब्रैकेट है। यदि कोई व्यक्ति कनाडा में रहकर सालाना करीब 70 लाख रुपये ($110,000 CAD से अधिक) कमा रहा है और उसने PR के लिए आवेदन किया है, तो उसे महज एक सप्ताह के भीतर स्थायी रेजिडेंसी मिल सकती है। सरकार का लक्ष्य दुनिया भर के टैलेंट को अपने यहाँ रोकना है।
इन क्षेत्रों को मिलेगी प्राथमिकता:
सरकार ने उन क्षेत्रों की सूची तैयार की है जिनकी कनाडा की इकोनॉमी को सख्त जरूरत है:
- हेल्थकेयर: डॉक्टर और नर्स।
- तकनीकी: इंजीनियर्स और आईटी प्रोफेशनल।
- कंस्ट्रक्शन: प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन और अन्य कुशल श्रमिक।

अवैध प्रवासियों पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’
फर्जीवाड़े और अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए कनाडा ने बिल C-12 को और सख्त कर दिया है।
- तुरंत डिपोर्टेशन: गलत तरीके से सीमा पार करने वालों को तुरंत डिपोर्ट किया जाएगा।
- 14 दिन की समय सीमा: बॉर्डर पार करने वालों को 14 दिनों के भीतर अपना क्लेम पेश करना होगा। यदि कोई एक साल से अधिक समय से अवैध रूप से रह रहा है, तो उसे कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
स्टूडेंट वीजा और वर्क परमिट पर बड़ा झटका
पंजाब समेत भारत के अन्य राज्यों से कनाडा जाने वाले छात्रों के लिए अब राह आसान नहीं होगी। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि केवल डिग्री लेना वर्क परमिट की गारंटी नहीं होगा।
- डिमांड आधारित कोर्सेज: अब केवल उन्हीं कोर्सेज के छात्रों को वर्क परमिट मिलेगा, जिनकी मार्केट में भारी डिमांड होगी। सरकार जल्द ही ऐसे चुनिंदा कोर्सेज की लिस्ट जारी करेगी।
- पढ़ाई के बाद अनिश्चितता: बिना किसी ठोस कौशल (Skill) के कनाडा जाने वाले छात्रों के लिए वर्क परमिट और पीआर पाना अब नामुमकिन जैसा होगा।

विदेशी मूल के कनाडाई बच्चों को राहत (बिल C-3)
नागरिकता कानून C-3 में संशोधन से उन परिवारों को बड़ी राहत मिली है जिनके बच्चे विदेश में पैदा हुए हैं।
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- यदि माता-पिता कनाडाई नागरिक हैं और बच्चा बाहर पैदा हुआ है, तो उसे नागरिकता/PR मिल सकती है।
- शर्त यह है कि माता-पिता ने कनाडा में कम से कम 3 साल का समय बिताया हो।
विशेषज्ञ की राय: > “कनाडा अब ‘संख्या’ के बजाय ‘गुणवत्ता’ पर ध्यान दे रहा है। यह कदम पंजाब और भारत के उन युवाओं के लिए एक चेतावनी है जो बिना किसी विशेष हुनर के लाखों रुपये खर्च कर कनाडा जाते हैं। अब वहां केवल हुनरमंदों की ही जगह है।”







