बमियाल सेक्टर: शहीद डिप्टी कमांडेंट सुभाष शर्मा का 30वां बलिदान दिवस मनाया, नम आंखों से दी गई श्रद्धांजलि

बमियाल (पठानकोट):भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा की जीरो लाइन पर स्थित सीमा सुरक्षा बल (BSF) की ‘शहीद डिप्टी कमांडेंट सुभाष शर्मा ढींडा फॉरवर्ड पोस्ट’ पर शौर्य और बलिदान की गौरवगाथा एक बार फिर जीवंत हो उठी। अवसर था जांबाज शहीद डिप्टी कमांडेंट सुभाष शर्मा का 30वां बलिदान दिवस, जहां बीएसएफ अधिकारियों, जवानों और शहीद परिवारों ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।

शस्त्र उल्टे कर जवानों ने दी सलामी
समारोह की अध्यक्षता बी.एस.एफ. की 109 बटालियन के कमांडेंट सुरेश सिंह ने की। इस अवसर पर बी.एस.एफ. सेक्टर हेडक्वार्टर इंद्रेश्वर नगर के डी.आई.जी. विदुर भारद्वाज मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत में 109 बटालियन मुख्यालय माधोपुर से आए जवानों ने शस्त्र उल्टे कर और बिगुल की मातमी धुन के साथ शहीद को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। डी.आई.जी. भारद्वाज और अन्य अधिकारियों ने शहीद की प्रतिमा पर पुष्पचक्र (रीथ) अर्पित कर उन्हें सैल्यूट किया।

दुश्मन को उसकी भाषा में जवाब दिया: डी.आई.जी.
मुख्य अतिथि डी.आई.जी. विदुर भारद्वाज ने अपने संबोधन में कहा, “डिप्टी कमांडेंट सुभाष शर्मा जैसे जांबाज प्रहरी हमारे बल का गौरव हैं। 1990 के दशक में जब पंजाब और कश्मीर में आतंकवाद चरम पर था, तब बी.एस.एफ. ने उसका फन कुचलने में अहम भूमिका निभाई। शहीद सुभाष शर्मा ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए दुश्मन को उसी की भाषा में जवाब दिया। उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा स्रोत रहेगा।”

आतंकियों के लिए ‘काल’ थे ‘पीटर’
शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के महासचिव कुंवर रविंद्र सिंह विक्की ने शहीद की बहादुरी को याद करते हुए बताया कि सुभाष शर्मा आतंकियों के लिए ‘काल’ का रूप थे। आतंकी उनसे इस कदर खौफ खाते थे कि उन्हें ‘पीटर’ के नाम से बुलाते थे। विक्की ने शहीद की पत्नी बबिता शर्मा के जज्बे को भी नमन किया, जो पति की शहादत के बाद समाज सेवा के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं।

इन गणमान्य हस्तियों ने दी श्रद्धांजलि
समारोह में प्रमुख रूप से निम्नलिखित लोग उपस्थित रहे:
- बी.एस.एफ. अधिकारी: कमांडेंट सुरेश पांडे (159 बटालियन), कमांडेंट नवीन चंद्र परगांई (107 बटालियन), एडजुडेंट डिप्टी कमांडेंट रवि कुमार।
- सामाजिक संस्थाएं: जोगिंदर सिंह सलारिया (संस्थापक, पीसीटी ह्यूमैनिटी), सुरिंदर महाजन शिंदा, सरपंच मुनीष महाजन।

- शहीद परिवार: सुरेंद्र मोहन गुप्ता (भाई, शहीद कर्नल के.एल गुप्ता), वरिंदर सिंह (भतीजे, शहीद लांसनायक डिप्टी सिंह), बूई लाल (भाई, शहीद अश्वनी कुमार), सुमित्री देवी (पत्नी, शहीद कांस्टेबल दीवान चंद), नवनीत कुमार (भतीजे, शहीद सिपाही गणेश कुमार)।

समारोह के अंत में सभी ने सीमा सुरक्षा के संकल्प को दोहराया और शहीद परिवारों का सम्मान किया।








